नवीन नक्सल पुनर्वास नीति के तहत पीड़ित परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़ने 23 अप्रैल से आयोजित किए जाएंगे शिविर
नवीन नक्सल पुनर्वास नीति के तहत पीड़ित परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़ने 23 अप्रैल से आयोजित किए जाएंगे शिविर
उत्तर बस्तर कांकेर। जिला स्तरीय नक्सल पीड़ित पुनर्वास समिति की बैठक कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने जिले के नक्सल पीड़ित परिवारों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि इसके लिए प्रभावित विकासखण्डों में शिविर लगाए जाएंगे, जिसमें पीड़ित परिवारों से सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर योजनाओं के तहत आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज दोपहर 12 बजे आयोजित बैठक में कलेक्टर ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही नक्सल पीड़ितों के लिए नई पुनर्वास नीति को प्रभावी बनाने तथा इसके सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़ने और शत-प्रतिशत सैचुरेट करने हेतु शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 23 अप्रैल को कांकेर नगर के न्यू कम्युनिटी हॉल में, 25 अप्रैल को पीएमश्री विद्यालय भानुप्रतापपुर में, 28 अप्रैल को तहसील कार्यालय पखांजूर और 30 अप्रैल को अंतागढ़ में स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में कैम्प आयोजित किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों में नक्सल पीड़ितों के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। साथ ही नई पुनर्वास नीति के अंतर्गत उपलब्ध सेवाओं की समीक्षा करते हुए दस्तावेज निर्माण, आधार कार्ड व अन्य विभागीय सेवाएं शिविर में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई नक्सल पीड़ित पुनर्वास नीति अंतर्गत पात्र नक्सल पीड़ितों को आजीविका के लिए स्वरोजगार, और छोटे उद्योगों के लिए प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता भी नियमानुसार मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति, हॉस्टल सुविधा सहित विभिन्न सेवाएं इस नीति के तहत उपलब्ध कराई जाएंगी। खाद्यान्न, पेंशन, और बीमा योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पुनर्वास नीति का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरती जाएं। साथ ही उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों में आकर अपनी समस्याएं साझा करें और लाभ उठाएं। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों को शिविरों में आवश्यक रूप से उपस्थित रहकर लाभार्थियों की सहायता करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर बीएस उइके एवं जितेंद्र कुमार कुर्रे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा, एसडीएम राजस्व सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
🔷 बसंत प्रधान (अतिरिक्त जिला ब्यूरो चीफ कांकेर)
