अमानती सामान गृह बना होटल और बाजार, समिति को लाखों की राजस्व हानि का आरोप
28 मई 2026
अर्चना मिश्रा साइंस वाणी रिपोर्टर मैहर
मैहर। माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति द्वारा रामपुर रोड स्थित यात्री निवास क्रमांक-2 के बगल में निर्मित “अमानती सामान गृह” का ठेका मूल रूप से यात्रियों के सामान की सुरक्षा व्यवस्था हेतु दिया गया था, लेकिन वर्तमान में वहां नियमों के विपरीत होटल, प्रसाद दुकान, चाय-नाश्ता सेंटर तथा यात्रियों के रुकने-नहाने तक की व्यवस्था संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं।
समिति की निविदा शर्तों के अनुसार अमानती सामान गृह का उपयोग केवल यात्रियों के सामान सुरक्षित रखने के लिए होना था। निविदा में बड़े लॉकर का शुल्क 25 रुपये और छोटे लॉकर का शुल्क 15 रुपये निर्धारित किया गया था। साथ ही साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और भवन को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी ठेकेदार की तय की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा अमानती सामान गृह का स्वरूप ही बदल दिया गया। *_यहां प्रसाद दुकान, चाय-नाश्ता और यात्रियों के ठहरने की व्यवस्थाएं बना दी गईं, जिसके कारण यात्री निवास क्रमांक-2 में श्रद्धालु नहीं पहुंचते।_* आरोप यह भी है कि कुछ कथित दलाल यात्रियों को समिति की आधिकारिक व्यवस्था से दूर निजी व्यवस्थाओं में ले जाते हैं, जिससे समिति की आय प्रभावित हो रही है और अन्य छोटे दुकानदारों के व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि जिस अमानती सामान गृह का वार्षिक ठेका लगभग 15 लाख रुपये में दिया गया, यदि उसी परिसर का वास्तविक व्यावसायिक उपयोग के आधार पर खुला टेंडर कराया जाए तो इसकी बोली 40 लाख रुपये से अधिक तक पहुंच सकती है। ऐसे में समिति की राजस्व व्यवस्था और ठेका प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। निविदा की शर्त क्रमांक-9 में स्पष्ट उल्लेख है कि समिति आवश्यकता पड़ने पर नोटिस देकर अमानती सामान गृह को खाली करा सकती है। इसके बावजूद नियमों के विपरीत गतिविधियों पर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर एवं मंदिर समिति प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक उपयोग, राजस्व हानि और ठेका शर्तों के उल्लंघन की जांच कराने की मांग की है।