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मैहर में मुस्लिम समाज ने पेश की सौहार्द की मिसाल, गौशाला पहुंचकर किया गौ-पूजन**गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की उठाई मांग**हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता का दिया संदेश

मैहर में मुस्लिम समाज ने पेश की सौहार्द की मिसाल, गौशाला पहुंचकर किया गौ-पूजन**गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की उठाई मांग**हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता का दिया संदेश



श्री निवास मिश्रा मैहर 
मैहर। धार्मिक और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करते हुए मैहर के मुस्लिम समाज के लोगों ने रविवार को न्यूअरकंडी स्थित गौशाला पहुंचकर गाय के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने गाय को फूल-मालाएं पहनाईं, हरा चारा, गुड़ एवं अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गौ-सेवा की तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न समुदायों के लोग अपनी-अपनी आस्थाओं का सम्मान करते हैं और इसी भावना के तहत मुस्लिम समाज भी गौ संरक्षण के पक्ष में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहा है।

*राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठाई मांग*

गौशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि गाय भारतीय जीवन शैली, कृषि व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे में उसे विशेष संवैधानिक और कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।

प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि देशभर में गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण किसी एक धर्म या समुदाय का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का विषय है।

*गौ संरक्षण को बताया सामाजिक जिम्मेदारी*

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि गाय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। दूध, गोबर और अन्य उत्पादों के माध्यम से गौवंश का समाज और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए गौ संरक्षण को केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए।

मुस्लिम समाज के युवाओं ने कहा कि समाज में बढ़ती कटुता और विभाजन की राजनीति के बीच ऐसे कार्यक्रम आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी समुदायों से मिलकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की।

*सौहार्द का संदेश बना चर्चा का विषय*

गौशाला में मुस्लिम समाज द्वारा किए गए गौ-पूजन और गौ-सेवा के इस कार्यक्रम की क्षेत्र में व्यापक चर्चा रही। स्थानीय नागरिकों ने इसे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का सकारात्मक संदेश बताया। कई लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।

*समय-समय पर उठती रही है मांग*

गौरतलब है कि वर्तमान में भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। हालांकि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग समय-समय पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है। अब मैहर से मुस्लिम समाज द्वारा इस मांग का समर्थन किए जाने के बाद यह विषय एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

*बड़ी संख्या में रहे उपस्थित*

इस अवसर पर फारुख खान, साहिल खान, करीम खान, अरमान खान, जाफरन मंसूरी, सलमान खान, सोहेल खान सहित मुस्लिम समाज के अनेक वरिष्ठजन, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने गौ संरक्षण, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में अपने विचार व्यक्त किए।

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