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भाठिया राजेंद्र कोलवॉशरी में ड्राइवर शिवमुनी यादव की मौत से उठे कई सवाल! हादसा, लापरवाही या छुपाया जा रहा कोई बड़ा राज?

भाठिया राजेंद्र कोलवॉशरी में ड्राइवर शिवमुनी यादव की मौत से उठे कई सवाल! हादसा, लापरवाही या छुपाया जा रहा कोई बड़ा राज?






खरसिया। छोटे डुमरपाली स्थित भाठिया राजेंद्र कोलवॉशरी में ड्राइवर शिवमुनी यादव की मौत अब पूरे क्षेत्र में रहस्य और चर्चा का विषय बन चुकी है। घटना के बाद मजदूरों, ड्राइवरों और स्थानीय लोगों के बीच भारी डर और आक्रोश का माहौल है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है — आखिर शिवमुनी यादव की मौत कैसे हुई? क्या यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई ऐसा सच छुपा है जिसे सामने आने से रोका जा रहा है?




जानकारी के अनुसार, शिवमुनी यादव मूलतः बिहार का रहने वाला था और बम्हनपाली में अपने परिवार के साथ रहकर ड्राइवरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बताया जा रहा है कि उसके चार छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जा रहा है कि रविवार तड़के करीब 3:30 बजे यह घटना हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार  शिवमुनी यादव ट्रक के नीचे सो रहा था और जिस वाहन के नीचे सो रहा था उशी वाहन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। लेकिन इस कहानी पर अब लगातार सवाल उठ रहे हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में आखिर कोई व्यक्ति ट्रक के नीचे क्यों सोएगा? और यदि वह ट्रक के नीचे सो रहा था, तो क्या वहां कोई और मौजूद नहीं था? क्या किसी ने उसे देखा नहीं? सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस ट्रक के नीचे वह सोया था, क्या उस ट्रक चालक को इसका पता नहीं चला? क्या वाहन चलाने से पहले किसी ने नीचे झांककर नहीं देखा? क्या वहां मौजूद किसी अन्य मजदूर, ड्राइवर या कर्मचारियों ने कुछ भी नहीं देखा या सुना?

लोगों का कहना है कि यदि ट्रक पूरी तरह उसके ऊपर चढ़ गया, तो इतनी बड़ी घटना का एहसास आखिर किसी को क्यों नहीं हुआ? यही सवाल अब पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना रहे हैं।

घटना के तुरंत बाद जिस तरह शव को जल्दबाजी में खरसिया सिविल अस्पताल मे छोड़ के भाग  गए, उसने भी लोगों के मन में कई शंकाएं पैदा कर दी हैं। आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? क्या किसी बात को छुपाने की कोशिश हो रही थी? क्या मौत के पीछे कोई दूसरा कारण है, जिसे हादसे का रूप देकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है?

कोलवॉशरी में काम करने वाले मजदूरों और ड्राइवरों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है —

“आज शिवमुनी यादव के साथ हुआ, कल हमारे साथ भी हो सकता है।”

मजदूर पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि एक गरीब परिवार का कमाने वाला सदस्य इस तरह अपनी जान गंवा देता है, तो क्या कुछ समय बाद मामला दबा देना ही समाधान है?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भाठिया राजेंद्र कोलवॉशरी में पहले भी कई हादसे और मौत की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार मामला शांत करा दिया जाता है। यही वजह है कि अब लोग इस घटना की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग कर रहे हैं।

क्षेत्रवासियों की मांग है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, घटनास्थल की बारीकी से जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर शिवमुनी यादव की मौत वास्तव में कैसे हुई। यदि किसी की लापरवाही, दबाव या साजिश सामने आती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अब पूरे इलाके में एक ही आवाज गूंज रही है —

“यदि शिवमुनी यादव ट्रक के नीचे था, तो क्या चालक को इसका पता नहीं चला? क्या वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने कुछ नहीं देखा? आखिर इस मौत के पीछे का सच क्या है? सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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