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जनसेवा और संघर्ष की मिसाल बनते पण्डित रामनिवास उरमलिया

जनसेवा और संघर्ष की मिसाल बनते पण्डित रामनिवास उरमलिया



अर्चना मिश्रा साइंस वाणी रिपोर्टर मैहर 

मैहर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं क्षेत्रीय जन कल्याण संघर्ष समिति के अध्यक्ष पण्डित रामनिवास उरमलिया आज मैहर जिले में एक दमंग, निर्भीक, जनहितैषी एवं समाजसेवी व्यक्तित्व के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वर्षों से वे क्षेत्र की गरीब, असहाय एवं पीड़ित जनता की आवाज बनकर प्रशासन के सामने मजबूती से खड़े होते रहे हैं और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं।

क्षेत्र में जब भी किसी गरीब परिवार के साथ अन्याय होता है या किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता पड़ती है, तब पण्डित उरमलिया बिना किसी भेदभाव के उनकी मदद के लिए आगे आते हैं। यही कारण है कि आज क्षेत्र की भोली-भाली जनता उन्हें अपना सच्चा हितैषी और जननेता मानती है। लोग बताते हैं कि जहां अन्य नेता केवल बड़े-बड़े वादे और झूठे प्रलोभन देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं, वहीं पण्डित रामनिवास उरमलिया जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान कराने में विश्वास रखते हैं।

हाल ही में एक गरीब एवं दुखियारी महिला, जो अपने बच्चों की परवरिश के लिए महीनों तक विभिन्न कार्यालयों और नेताओं के चक्कर काटती रही, उसे कहीं से भी सहायता नहीं मिल सकी। निराश होकर वह क्षेत्रीय जन कल्याण संघर्ष समिति कार्यालय पहुंची, जहां उसकी पीड़ा सुनते ही समिति प्रबंधन द्वारा तत्काल उसे मजदूरी का अवसर उपलब्ध कराया गया, जिससे उसके परिवार के पालन-पोषण का सहारा बन सका। इस घटना के बाद क्षेत्र में पण्डित उरमलिया की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की जा रही है।

धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में भी पण्डित रामनिवास उरमलिया का योगदान सदैव अग्रणी रहा है। जिले में होने वाले अनेक धार्मिक कार्यक्रमों, सेवा कार्यों एवं सामाजिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है। यही कारण है कि समाज के विभिन्न वर्गों में उनका विशेष सम्मान है।

राजनीतिक विरोधियों द्वारा समय-समय पर उनकी छवि धूमिल करने के प्रयास भी किए गए। उन पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिशें की गईं, लेकिन इसके बावजूद वे जनता के अधिकारों और न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पण्डित उरमलिया ने सदैव जनहित को प्राथमिकता दी है और यदि जनता के हक की लड़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार का संघर्ष करना पड़े, तो वे उसके लिए सदैव तैयार रहते हैं।

मैहर जिले के विकास, धार्मिक आस्था एवं सामाजिक सरोकारों को लेकर भी पण्डित उरमलिया लगातार सक्रिय रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि वे एक ऐसे जननेता हैं जो बिना किसी दिखावे के लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते और समाधान के लिए संघर्ष करते हैं।

*आज मैहर जिले में पण्डित रामनिवास उरमलिया का नाम एक ऐसे समाजसेवी और संघर्षशील नेता के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने जनसेवा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म माना है।

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