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सेनेटरी नैपकिन निर्माण से आत्मनिर्भर बन रहीं वनांचल की महिलाएं*उमा स्व-सहायता समूह की पहल से छात्राओं को मिल रही स्वास्थ्य सुरक्षा, महिलाओं को रोजगार*निर्माण से लेकर पैकिंग और वितरण तक का पूरा कार्य संभाल रहीं समूह की सदस्य

सेनेटरी नैपकिन निर्माण से आत्मनिर्भर बन रहीं वनांचल की महिलाएं*उमा स्व-सहायता समूह की पहल से छात्राओं को मिल रही स्वास्थ्य सुरक्षा, महिलाओं को रोजगार*निर्माण से लेकर पैकिंग और वितरण तक का पूरा कार्य संभाल रहीं समूह की सदस्य



साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- रायगढ़, 28 मई 2026/ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र की ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बन रही हैं। धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हार का उमा स्व-सहायता समूह मशीनों के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन का निर्माण कर रहा है। समूह से जुड़ी महिलाएं स्वयं निर्माण, पैकिंग और वितरण का पूरा कार्य संभाल रही हैं। इस पहल से जहां महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं छात्राओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
            11 सदस्यीय उमा स्व-सहायता समूह लगातार अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहा है। समूह द्वारा तैयार सेनेटरी नैपकिन स्कूलों, छात्रावासों तथा अन्य विकासखंडों तक पहुंचाए जा रहे हैं। हाल ही में आयोजित शिविर में शासकीय छात्राओं को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए। इस दौरान किशोरियों को मासिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। 
            समूह की महिलाएं मशीन आधारित तकनीक से गुणवत्तापूर्ण सेनेटरी नैपकिन तैयार कर रही हैं। समूह को शुरुआती दौर में ही 3 से 4 लाख रुपए तक की आय प्राप्त हुई है, जिससे सदस्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। शिविर के दौरान एक ही दिन में लगभग 2000 रुपए तक की बिक्री हुई, वहीं कई लोगों द्वारा आगे के लिए ऑर्डर भी दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित यह पहल अब केवल स्वरोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिला स्वास्थ्य जागरूकता, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है।

हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़

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