-->
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित**82 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता कर्मियों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित**82 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता कर्मियों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण



साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- रायगढ़, 23 जून 2026/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ऑडिटोरियम, रायगढ़ में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में पर्यावरण विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ।
            कार्यशाला में जिले की 82 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रही, स्वच्छता से जुड़े कार्यकर्ता एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य सलाहकार मोनिका सिंह एवं पुरुषोत्तम पंडा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि स्वच्छ ग्रामों के निर्माण में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को नियमों के अनुरूप कार्य करना आवश्यक होगा।

*कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर दिया गया विशेष जोर:-

प्रशिक्षण सत्र के दौरान घरेलू एवं सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रतिभागियों को 4-वे कचरा पृथक्करण प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी अपशिष्ट तथा घरेलू खतरनाक अपशिष्ट को अलग-अलग संग्रहित करने और उनके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने से अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनती है। साथ ही ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण, परिवहन एवं अंतिम निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कचरे को खुले में फेंकना, जलाना अथवा भूमि में दबाना नियमों के विरुद्ध है और ऐसा करने वालों के विरुद्ध जुर्माना सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

*बल्क वेस्ट जेनरेटरों के पंजीयन और जनजागरूकता अभियान पर हुई चर्चा:-

कार्यशाला में प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत क्षेत्रों में संचालित बल्क वेस्ट जेनरेटरों की पहचान करने तथा उनका केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल पर पंजीयन कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों का पंजीयन कर उनके अपशिष्ट प्रबंधन की नियमित निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने, प्रत्येक परिवार को कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित करने तथा स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता और जनजागरूकता के माध्यम से ही स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल ग्रामों का निर्माण संभव है।
              कार्यक्रम में मुख्य रसायनज्ञ नवीन चंद्र मालवीय, वैज्ञानिक श्वेता खाखा, वैज्ञानिक सतीश पटेल, पर्यावरण विभाग के अधिकारीगण, जिला पंचायत से एपीओ वीरेंद्र सिंह राय, जिला सलाहकार (एसबीएम-जी) अर्जुन मेहेर, विभिन्न जनपद पंचायतों की एसबीएम-जी टीम, सरपंच, सचिव एवं स्वच्छाग्रही बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article