-->
डीजल वितरण में भेदभाव: किसान परेशान, दलालों की बढ़ रही कालाबाजारी

डीजल वितरण में भेदभाव: किसान परेशान, दलालों की बढ़ रही कालाबाजारी



जिला संवाददाता :- प्रेमसागर यादव 
साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा/रायगढ़ 

वर्तमान समय में कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि पेट्रोल पंपों पर किसानों को मात्र ₹1000 तक का डीजल दिया जा रहा है, जबकि बड़े खरीदारों और दलालों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि गांवों में वही डीजल ऊंचे दामों पर किसानों को बेचा जा रहा है।
खेतों में जुताई, बुवाई और सिंचाई का समय चल रहा है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त डीजल न मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मजबूरी में किसान दलालों से अधिक कीमत देकर डीजल खरीद रहे हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है और आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
यदि वास्तव में किसानों पर मात्रा की सीमा लगाई जा रही है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी उपभोक्ताओं पर समान नियम लागू हों। किसी भी प्रकार का पक्षपात या कालाबाजारी किसानों के हितों के खिलाफ है। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस मामले की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डीजल का वितरण पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो।
किसानों की मांग है कि:
किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराया जाए।
डीजल वितरणमें पारदर्शिता लाई जाए।
कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
कृषि कार्यों के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए।
"किसान को डीजल नहीं, दलालों को भरपूर पूर्ति — यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अन्नदाता को राहत मिले और कालाबाजारी पर रोक लगे, यही समय की मांग है।"

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article