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पीएमश्री सेजेस बतरा में समर कैम्प 2026 का शुभारंभ, बच्चों की प्रतिभा निखारने का मिलेगा सुनहरा अवसर

पीएमश्री सेजेस बतरा में समर कैम्प 2026 का शुभारंभ, बच्चों की प्रतिभा निखारने का मिलेगा सुनहरा अवसर

बरौल। विद्यार्थियों के ग्रीष्मावकाश को रचनात्मक, उपयोगी और कौशल विकास से जोड़ने के उद्देश्य से पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) बतरा में सोमवार को "समर कैम्प 2026 : रचनात्मकता और कौशल का संगम" का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर सुश्री रैना जमील के संरक्षण एवं जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार किया गया। शिविर के पहले ही दिन विद्यालय परिसर में उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मकता का अनूठा वातावरण देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष हीरा लाल राजवाड़े ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आनंद सिंह अर्मो उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि विजय कुमार राजवाड़े, भुनेश्वर राजवाड़े, मिनी प्रसन्ना, अंजना जायसवाल एवं रविन्द्र सिंह ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं व्यावहारिक दक्षता का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समर कैम्प जैसे आयोजन बच्चों को नई चीजें सीखने, अपनी रुचियों को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। अतिथियों ने विद्यार्थियों से ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग करने और शिविर की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

विद्यालय के प्राचार्य गोवर्धन सिंह ने समर कैम्प की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह शिविर 1 जून से 15 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक संचालित किया जाएगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति, तकनीक और जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि बच्चों की रुचि और प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विषयों एवं गतिविधियों का चयन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी पसंद के क्षेत्र में सीख सके और आगे बढ़ सके।

समर कैम्प में विद्यार्थियों के लिए नृत्य, संगीत, नाटक, चित्रकला, टॉय मेकिंग, फूल एवं मोतियों की माला निर्माण, बांस एवं मिट्टी शिल्प, कम्युनिकेशन स्किल, ओरिगामी, क्ले मॉडलिंग, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण, मॉडल प्रदर्शन, कबाड़ से जुगाड़, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी जैसी विविध गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को न केवल नई तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना का भी विकास होगा।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम बनाना है। इसी सोच के साथ समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है, जहां बच्चों को सीखने के साथ-साथ मनोरंजन और व्यक्तित्व विकास का अवसर भी मिलेगा। शिविर के दौरान अनुभवी शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को बेहतर ढंग से पहचान सकें।

अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया तथा समर कैम्प के सफल संचालन की शुभकामनाएं दी गईं। "सीखें, सृजन करें और आगे बढ़ें" के मूल मंत्र के साथ प्रारंभ हुआ यह समर कैम्प विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। विद्यालय प्रबंधन को उम्मीद है कि आगामी 15 दिनों में यह शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार क्षमता को नई दिशा प्रदान करेगा तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सक्षम बनाएगा।

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