क्राइम परसमाजिक एक चिंतनसमाज को जागरूक करने हेतु आपको ध्यानपूर्वक इस लेख को पूरा पढ़े ।
08 जून 2026
संस्कृति क्या है _ _ _ यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सीखी और हस्तांतरित की जाती है जो मनुष्य के मानसिक और सामाजिक विकास को दर्शाती है जो मनुष्य को प्रगतिशील बनाती है ।
मनुष्य का मानसिक विकास यह जन्म से शुरू होकर जीवन भर चलने वाली एक सतत प्रक्रिया है ।सोचने समझने और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता में सुधार करना मानसिक विकास होता है
सामाजिक विकास का मुख्य उद्देश्य एक समावेशी समाज का निर्माण करना है जहां सभी को शिक्षा स्वास्थ्य समानता और सामाजिक न्याय की समान अवसर मिल सके ।
समाज में क्राइम क्यों बढ़ रहा है ?
1-क्या सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पा रहा है ? '
2 -क्या सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और जीवन जीने की कला में सुधार हो रहा है ?
3 _क्या सभी को सामाजिक न्याय और समानता का अधिकार मिल पा रहा है ?
4 -क्या सभी को जो गलत राह पर निकल गए हैं उन्हें वापस लाने के लिए कोई जैन जागरूकता कार्यक्रम और सामाजिक सुरक्षा प्रदान हो पा रहा है ?
5 -क्या सभी का मानसिक विकास और वैज्ञानिक सोच पर विकास कर पाना संभव है व सामाजिक विकास पर किस प्रकार से जोर डाला जा रहा है ।
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१ आज देखा जाए तो वह पारिवारिक वातावरण नहीं मिल पा रहा है जिससे मानसिक विकास को तेज करता है और नकारात्मक माहौल का समाज में परिवार में ग्राफ बढ़ते जा रहा है ऐसा क्यों हो रहा है जैसे संस्कृति में बदलाव का होना सामाजिक स्थिति में बदलाव दिख रहा है लोग अत्यधिक धन यानी आर्थिक स्थिति सुधारने की होड़ सी लगी हुई है लोग गलत राह से कम समय में अधिक धन कमाने लगे हैं इसका सीधा असर समाज में दिख रहा है विद्यालय का वातावरण बदल गया है सही तरीके से उचित पोषण नहीं मिल पा रहा है गलत खान-पान रहन-सहन आदि में बदलाव देखने को मिल रहा है लोग बड़े-बड़े बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं आज लोगों के प्रति विश्वास कम हो रहा है ।
2 आज लगातार जनसंख्या में वृद्धि हो रहा है और शिक्षा के स्तर लगातार बढ़ रहा है फिर भी अपराध पर नियंत्रण कर पाना संभव क्यों नही हो रहा है क्या लोग शिक्षा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं क्या शिक्षित वर्ग समाज को सही दिशा देने में कार्य नहीं कर पा रहे हैं क्या बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है क्या महंगाई बढ़ रही है भ्रष्टाचार बढ़ रही है आज लोग अपराध करना क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं क्या कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं जनता तो वही है सरकार ।बदलती रहती है फिर भी सरकार क्यों अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है ।
आईये इसे समझते है + ..... --- . -- _ _ = =
एक बच्चे का जन्म होता है स्कूली शिक्षा मिलती है नौकरी मिलती है सिर्फ कुछ लोगों को 90% लोग बेरोजगार हैं समाज में जीने के लिए धन की आवश्यकता अनुसार लोग कार्य करते हैं यानी अपनी स्कूली शिक्षा के आधार पर 90% लोग अपनी कुशल क्षमता के आधार पर समाज में कई तरह के कार्य करते हैं जैसे कृषि व्यापार या कई तरह के कंपनी के क्षेत्र में कार्य व जाति के आधार पर कार्य या अन्य कार्य जैसे मजदूरी ।फिर इसी बीच में अचानक संस्कृति में बदलाव देखने को मिलता है जैसे बे फालतू के खर्चे जैसे शादी विवाह जन्मोत्सव या अन्य कार्यक्रम प्रीतिभोज छठी अन्य कार्यक्रमों में लोग अधिक धन खर्च कर कार्यक्रम करते हैं और कर्ज में डूबते रहते हैं आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया हो जाता है अब यहां से लोग कम समय में अधिक धन कमाने के चक्कर में फंस जाते हैं जैसे चोरी झूठ बोलना गलत कार्यों में लिप्त हो जाना जुआ नशापान करना आदि कई लोगों का खान-पान में बदलाव आता है कई लोग बीमारी से बड़े-बड़े बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं इसका सीधा असर समाज पर पड़ता है लोग गलत तरीके से यह पैसा कमाना सीख जाते हैं इस प्रकार समाज में महंगाई बढ़ती है बेरोजगारी बढ़ती है लोग आलसी पन का शिकार हो जाते हैं फिर भी समाज में कुछ लोग इमानदारी से जीवन निर्वाह कर रहे होते हैं लेकिन क्या होता है 10 में से 8 लोग ईमानदार होते हैं बच्चे दो लोग उन आठ लोगों को अपनी सभ्यता में मिलाने के लिए अपनी ताकत का पूरी तरह से इस्तेमाल करते हैं कम से कम एक व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं और वही तीन व्यक्ति समाज में व्याप्त बुराइयां का सरदार बन जाता है अब तीन लोग समाज का संचालन करते हैं फिर क्या होता है क्राइम बढ़ने लगता है और इस प्रकार समाज में सामाजिक विकास न होकर उन तीन लोगों का आर्थिक विकास होता है और उन पैसों को वह अपनी सुख सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए उपयोग करता है अब सारी पैसा अमीरों के पास चला जाता है और वह अमीर अपने ही लोगों को धीरे-धीरे गरीब बना रहा है और धीरे-धीरे लोगों को लोगों का मानसिक विकास रूक सा जाता है आर्थिक विकास और रुक सा जाता है फिर और इसका असर फिर समाज पर पड़ता है और अपराध के ग्राफ फिर बढ़ने लगता है धीरे-धीरे आज समाज समाप्त हो रहा है और भारत का पैसा विदेश जा रहा है उनचंद अमीरों के पास जा रहा है क्योंकि वह मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ है वैज्ञानिक सोच पर निर्भर है और भारत देश हमारा खोखला होता होते जा रहा है अभी भी इस अपराध को रोका जा सकता है केवल वह केवल सामाजिक विकास व मानसिक विकास को बढ़ाकर लेकिन शिक्षा का इस्तेमाल केवल इमानदारी से करना होगा अपनी जो कार्य है उसे सभी को ईमानदारी से कठिन मेहनत करके भारत को अपराध मुक्त बना सकते हैं अपनी भारतीय संस्कृति को अपनाना होगा । 'जन जागरूकता के माध्यम से लोगों को जागरूक करें और अपने-अपने समाज को सही दिशा में परिवर्तन लाने के लिए कार्य करें ।
धन्यवाद
साइंस वाणी न्यूज़ जगन्नथिया साहू की रिपोर्ट "