आदिम जाति सेवा सहकारी समिति खरसिया में हुआ गरीमामय आयोजन
29 जून 2026
साइंस वाणी न्यूज़ खरसिया- सहकारी सप्ताह पर किसानों को मिला योजनाओं
का संदेश आदिम जाति सेवा सहकारी समिति खरसिया में हुआ गरिमामय आयोजन ।
सहकारिता की भावना को मजबूत करने एवं किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से आदिम जाति सेवा सहकारी समिति खरसिया के तत्वावधान में सहकारी सप्ताह के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, बैंक अधिकारी तथा समिति के पदाधिकारी शामिल हुए। आयोजन के दौरान सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने, किसानों की आर्थिक उन्नति तथा कृषि विकास में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष चितावर सिदार ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसानों की आर्थिक प्रगति का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि परस्पर सहयोग, विश्वास और सामूहिक विकास की भावना है। किसानों को चाहिए कि वे समितियों के माध्यम से संचालित शासकीय योजनाओं, कृषि ऋण, खाद-बीज वितरण तथा अन्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं और खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ें।
कार्यक्रम में उपस्थित राजीव दुबे (प्रबंधक, अपेक्स बैंक) ने किसानों को बैंकिंग सेवाओं, कृषि ऋण, वित्तीय सहायता एवं शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए समय पर ऋण अदायगी और वित्तीय अनुशासन अपनाने की अपील की। वहीं गगन चंद्राकर (पर्यवेक्षक) ने सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
समिति प्रबंधक देवा प्रताप लहरे ने समिति की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना समिति की प्राथमिकता है। लकेश्वर चौहान (मंडल महामंत्री), किसान नेता रतन राठौर, दिनेश पांडू राठौर एवं लक्ष्मी राठौर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए किसानों से सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने और एकजुट होकर कृषि विकास में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित योजनाओं, खाद-बीज वितरण, कृषि ऋण, समर्थन मूल्य पर उपार्जन, कृषि विकास कार्यक्रमों तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ग्रामीण विकास की नई दिशा दी जा सकती है।
आयोजन में समिति प्रबंधक सहित बड़ी संख्या में किसान, समिति के सदस्य एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों एवं किसानों ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, किसानों एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन का वातावरण उत्साह, सहयोग और किसान हितैषी संदेशों से ओत-प्रोत रहा।
विशेष संवाददाता छग.यशोदा यादव