गतवा: सरपंच-सचिव पर मिलीभगत का आरोप, ‘फर्जी बिलों’ से लाखों के शासकीय राशि में हेरफेर का दावा; ग्रामीण बोले- काम धरातल पर नहीं, भुगतान फाइलों में, जांच की मांग
29 जून 2026
_29 जून 2026, गतवा-बिर्रा, जनपद पंचायत बम्हनीडीह_
_संवाददाता: सरिता, साइंस वाणी न्यूज छत्तीसगढ़_
*विकास के नाम पर ‘कागजी घोड़े’ दौड़ाकर गतवा पंचायत में सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।* *ग्रामीणों ने पंचायत सचिव दिलीप साहू और सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों की मिलीभगत से फर्जी प्रस्ताव और फर्जी बिलों के सहारे हर साल लाखों की शासकीय राशि का आहरण कर लिया जाता है।* *कागजों में विकास दिखता है, लेकिन गांव में धरातल पर काम नदारद हैं।* *सरपंच को सब पता होने के बाद भी कार्रवाई न करना ‘मिलीभगत’ की ओर इशारा कर रहा है।* *ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर FIR की मांग की है।*
*ग्रामीणों के 5 बड़े आरोप:*
1. *काम नहीं, भुगतान हां:* *पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर प्रस्ताव बनाकर राशि निकाली जाती है, लेकिन मौके पर काम दिखता ही नहीं।* *सड़क, नाली, चबूतरा सब फाइलों में बन गए।*
2. *फर्जी बिलों का खेल:* *आरोप है कि सचिव दिलीप साहू सरपंच के संरक्षण में फर्जी बिल लगाकर हर साल लाखों का भुगतान करा रहे हैं।* *न मटेरियल आया, न मजदूरी हुई, पर बिल पास हो गए।*
3. *सरपंच की चुप्पी पर सवाल:* *ग्रामीण बोले- "अगर सरपंच को अनियमितता पता है तो अब तक सचिव पर कार्रवाई क्यों नहीं की?* *चुप्पी ही मिलीभगत का सबूत है।* *पंचायत के हितों की रक्षा छोड़ दोनों अपनी जेब भर रहे हैं।"*
4. *शासन को गुमराह:* *सचिव मनमाने प्रस्ताव बनाकर शासन को गलत जानकारी भेज रहा है।* *शासकीय धन के उपयोग में जीरो पारदर्शिता है।* *न सूचना पटल पर जानकारी, न सोशल ऑडिट।*
5. *जांच हुई तो खुलेगा भ्रष्टाचार:* *ग्रामीणों का दावा है कि भुगतान संबंधी दस्तावेज और मौके की निष्पक्ष जांच हो तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आएगी।* *कई काम सिर्फ कागजों में हुए हैं।*
*ग्रामीणों की मांग:* *1. सचिव दिलीप साहू और सरपंच के कार्यकाल के सभी बिल-वाउचर की जांच हो।* *2. मौके पर जाकर हर काम का भौतिक सत्यापन कराया जाए।* *3. दोषी पाए जाने पर राशि की वसूली और FIR दर्ज हो।* *4. पंचायत में सोशल ऑडिट अनिवार्य किया जाए।*