*तबादलें के 10 दिन बाद भी नहीं छोड़ा प्रभार, 80% दिव्यांग की शिकायत से खुली प्रशासनिक लापरवाही
*तबादलें के 10 दिन बाद भी नहीं छोड़ा प्रभार, 80% दिव्यांग की शिकायत से खुली प्रशासनिक लापरवाही*
*मोबाइल नंबर ब्लॉक करने और जनदर्शन के आवेदन लंबित रखने के आरोप; कलेक्टर, दिव्यांगजन आयुक्त व सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला*
सारंगढ़-बिलाईगढ़। शासन के स्थानांतरण आदेशों के पालन को लेकर बिलाईगढ़ जनपद पंचायत में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक 80 प्रतिशत दिव्यांग नागरिक की शिकायत के बाद तत्कालीन प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद प्रभार नहीं छोड़ने और जनहित से जुड़े आवेदनों का निराकरण लंबित रखने के आरोप सामने आए हैं। शिकायत कलेक्टर, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 जून 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में तत्कालीन प्रभारी सीईओ प्रतीक प्रधान का तबादला जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी किया गया था। आदेश में स्पष्ट निर्देश था कि सभी स्थानांतरित अधिकारी 10 दिनों के भीतर प्रभार सौंपकर कार्यमुक्त होंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया।
दिव्यांग ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
ग्राम सिंधीचुवा निवासी करण सिंह पटेल (80% दिव्यांग) ने आरोप लगाया है कि उनके जनदर्शन से जुड़े दो महत्वपूर्ण आवेदनों की जांच पिछले दो महीनों से लंबित रखी गई। उनका यह भी आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी सीईओ ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया, जिससे वे अपनी शिकायतों के संबंध में संपर्क नहीं कर सके।
शिकायत में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन पर भी आवेदन से जुड़े मामले में संवाद नहीं करने तथा मोबाइल और व्हाट्सएप ब्लॉक करने का आरोप लगाया गया है।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई शिकायत
पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक: CC260700062231) में शिकायत दर्ज कराते हुए लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि बिलाईगढ़ जनपद पंचायत में नए सीईओ के रूप में योगेश्वरी बर्मन ने पदभार ग्रहण कर लिया है। वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।