पीएम-राहत योजना से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का नकदरहित (कैशलेस) उपचार
28 जुलाई 2026
*कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश, डिप्टी कलेक्टर एवं जिला परिवहन अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी:-
साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर बहुमूल्य जीवन बचाने के उद्देश्य से भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम-राहत (प्रधानमंत्री राहत) नकदरहित (कैशलेस) उपचार योजना का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में इस योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद समय पर उपचार ही किसी घायल व्यक्ति का जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को इस योजना की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने परिवहन, स्वास्थ्य, पुलिस सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। बैठक में कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिल्पा भगत एवं जिला परिवहन अधिकारी श्री गौरव साहू को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता गतिविधियों के संचालन तथा विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ योजना की जानकारी गांव-गांव एवं शहरों तक पहुंचाई जाए।
*पात्र मामलों में 1.5 लाख रुपये तक का नकदरहित (कैशलेस) उपचार:-
बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का नकदरहित (कैशलेस) उपचार उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना के बाद अधिकतम सात दिनों तक उपचार का व्यय निर्धारित सीमा तक सरकार द्वारा वहन किया जाता है। योजना का लाभ शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ अधिकृत निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है। इससे आर्थिक तंगी के कारण उपचार में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा तथा पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
*स्वर्णिम घंटा (गोल्डन ऑवर) में उपचार से बच सकती है जान:-
सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे स्वर्णिम घंटा (गोल्डन ऑवर) कहा जाता है, जीवन बचाने की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में घायल व्यक्ति को शीघ्र अस्पताल पहुंचाकर उपचार प्रारंभ कर देने से मृत्यु एवं गंभीर जटिलताओं की संभावना काफी कम हो जाती है। पीएम-राहत योजना का प्रमुख उद्देश्य भी यही है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित का उपचार धन के अभाव में प्रभावित न हो तथा उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।
*उपचार के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) आवश्यक नहीं:-
योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ित का उपचार प्रारंभ करने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होना अनिवार्य नहीं है। अस्पताल तत्काल उपचार प्रारंभ करेंगे। वहीं, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति (गुड सेमेरिटन/सद्भावी नागरिक) से पुलिस अनावश्यक पूछताछ नहीं करेगी। इससे लोग बिना किसी भय के घायल व्यक्तियों की सहायता के लिए आगे आ सकेंगे।
*दुर्घटना होने पर तुरंत करें 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल:-
दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाएं तथा घायल को निकटतम अधिकृत अस्पताल तक पहुंचाएं। समय पर दिया गया उपचार किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
*अस्पतालों के लिए भी जारी हैं स्पष्ट निर्देश:-
योजना के अंतर्गत सभी संबंधित अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि सड़क दुर्घटना पीड़ित को बिना किसी विलंब के तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्रदान करें। यदि घायल की पहचान तत्काल उपलब्ध न हो, तब भी उपचार में देरी न की जाए। अस्पतालों को ई-डीएआर (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना प्रतिवेदन प्रणाली) एवं टीएमएस 2.0 (ट्रॉमा प्रबंधन प्रणाली 2.0) पोर्टल पर आवश्यक जानकारी समय पर दर्ज करने तथा संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
*डिजिटल प्रणाली से होगा पारदर्शी संचालन:-
योजना का संचालन ई-डीएआर एवं टीएमएस 2.0 डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इससे दुर्घटना की सूचना, उपचार की प्रक्रिया तथा भुगतान संबंधी समस्त जानकारी का समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिलने के साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं, तत्काल 112 आपातकालीन सेवा पर सूचना दें तथा उसे शीघ्र अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पीएम-राहत योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समय पर उपचार उपलब्ध कराकर अनमोल जीवन बचाने का प्रभावी माध्यम है। व्यापक जनजागरूकता तथा सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से इस योजना का लाभ अधिक से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों तक पहुंचाया जा सकेगा।
हेमंत कुमार टंडन
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़