वर्षों से जर्जर कुंजारा–केशला–तोलगे मार्ग: क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को सौंपा अंतिम ज्ञापन, 31 जुलाई तक निर्माण नहीं हुआ तो होगा चक्काजाम आंदोलन
17 जुलाई 2026
साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा / रायगढ़
जिला संवाददाता :– प्रेमसागर यादव
लैलूंगा, रायगढ़। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित कुंजारा–केशला–तोलगे सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क के शीघ्र निर्माण एवं मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लैलूंगा को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक सड़क निर्माण अथवा आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे केशला मोड़ (कुंजारा हाई स्कूल के पास) पर चक्काजाम कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कुंजारा–केशला–तोलगे सड़क मार्ग पिछले लगभग 20 वर्षों से अत्यंत जर्जर एवं बदहाल स्थिति में है। यह सड़क केवल तीन गांवों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन लगभग 15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोग आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का सफर हर दिन जोखिम भरा साबित हो रहा है।
हजारों लोगों की जीवनरेखा बनी मुसीबत
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन छात्र-छात्राएं विद्यालय एवं महाविद्यालय पहुंचते हैं। मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए यही प्रमुख रास्ता है। किसान अपनी कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं, वहीं व्यापारी एवं आम नागरिक भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं। लेकिन सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई डामर की परत और बारिश के दौरान जलभराव ने इसे दुर्घटनाओं का केंद्र बना दिया है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण अब तक सैकड़ों छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कई बार एंबुलेंस भी समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों की जान तक जोखिम में पड़ जाती है।
हर बार केवल आश्वासन, धरातल पर नहीं दिखा काम
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले कई वर्षों से शासन एवं प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने की बातें कही जाती रही हैं, लेकिन आज तक धरातल पर कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार केवल स्वीकृति और प्रस्तावों का हवाला देकर जनता को आश्वासन दिया जाता है, जबकि सड़क की वास्तविक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क निर्माण का वादा किया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्या जस की तस बनी रहती है। इससे लोगों में निराशा और असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
31 जुलाई तक काम शुरू नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि 31 जुलाई 2026 तक सड़क निर्माण अथवा आवश्यक मरम्मत कार्य हर हाल में प्रारंभ कराया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा तक कार्य प्रारंभ नहीं होता है, तो समस्त क्षेत्रवासी लैलूंगा–घरघोड़ा मुख्य मार्ग स्थित केशला मोड़ (कुंजारा हाई स्कूल के पास) पर चक्काजाम कर लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यदि इससे जनजीवन प्रभावित होता है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने रखी जनहित की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। बेहतर सड़क बनने से गांवों का संपर्क मजबूत होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी, किसानों को राहत मिलेगी तथा विद्यार्थियों और मरीजों को सुरक्षित आवागमन का लाभ मिलेगा।
ज्ञापन पर क्षेत्र के अनेक ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज है।
अब प्रशासन की परीक्षा
क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू होता है तो वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सकेगा। लेकिन यदि फिर केवल आश्वासन ही मिलता है, तो आगामी दिनों में क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन देखने को मिल सकता है।