विधायक उत्तरी जांगड़े ने भी लिखा मुख्यमंत्री जी को पत्र
विधायक उत्तरी जांगड़े ने भी लिखा मुख्यमंत्री जी को पत्र
सारंगढ़। नकटी गांव के 85 निर्धन परिवारों को वर्षा ऋतु के आगमन से ठीक पहले उनके आशियाने से बेदखल करना न केवल अमानवीय है, बल्कि संवेदन हीन व जनविरोधी निर्णय भी है। मैं इस अन्याय के विरुद्ध प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी हूं आज मैंने मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर अपना स्पष्ट मत व्यक्त किया है कि- किसी गरीब का घर उजाड़कर मुझे विधायक आवास बिल्कुल स्वीकार नहीं है। शासन के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा यह कहा गया था कि-यदि कांग्रेस विधायक विधायक आवास के लिए भूमि नहीं चाहते, तो वे अपनी बात लिखित रूप में दें। मुख्यमंत्री जी को अपना पक्ष लिखित रूप से भेज दिया है। अब राज्य सरकार को भी अपनी संवेदन शीलता और गरीबों के प्रति अपनी जवाब देही का परिचय देना चाहिए । सरकार वास्तव में गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो जिन 85 परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया गया है, उन्हें उसी गांव में सम्मान जनक रूप से भूमि आवंटित कर शीघ्र स्थायी आवास उपलब्ध कराए जाएं । विधायक आवास के लिए अन्य स्थानों का चयन किया जा सकता है, किंतु किसी गरीब के उजड़े हुए आशियाने की कीमत पर नहीं । किसी के सिर से छत छीनकर विकास का दावा नहीं किया जा सकता। मानवता, न्याय, संवेदनशील शासन की यही सच्ची पहचान है।
