CCTV में कैद बेखौफ चोर! जज और अधिकारियों के आवास से महज 50 मीटर दूर चोरी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दहशत... आखिर सुरक्षा व्यवस्था पर कौन देगा जवाब?
जिस कॉलोनी में न्यायालय के जज, प्रशासनिक अधिकारी हों 50 मीटर की दूरी, मे वहां भी यदि अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर जाएं, तो आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।"
खरसिया। मदनपुर तेलीकोट रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रविवार (5 जुलाई) चोरी ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चोरी की यह घटना उस स्थान से लगभग 50 मीटर की दूरी पर हुई, जहां न्यायालय के जज, प्रशासनिक अधिकारी निवास करते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पूरे कॉलोनी परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल है।
सुबह खुली आंखें... सामने से गायब थी साइकिल
मकान नंबर-11 निवासी चिराग उरांव (पिता- गौरी शंकर उरांव) का परिवार रात में निश्चिंत होकर सोया था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उसी दौरान एक चोर कॉलोनी में घूम रहा है। सुबह जब परिवार की नींद खुली तो घर के सामने खड़ी करीब 15 हजार रुपये कीमत की स्पोर्ट्स साइकिल गायब थी। पहले आसपास काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला
CCTV ने खोल दी पूरी कहानी
साइकिल नहीं मिलने पर कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में एक संदिग्ध युवक सुबह करीब 1:30 बजे कॉलोनी में घूमता दिखाई देता है। वह पहले इधर-उधर नजर दौड़ाता है, आसपास की गतिविधियों का जायजा लेता है और मौका मिलते ही साइकिल लेकर फरार हो जाता है। पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई।
पहले बाइक, अब साइकिल... पीड़ित का टूटा भरोसा
चिराग उरांव ने बताया कि वर्ष 2021 में उनकी बाइक भी चोरी हो चुकी है। उनके अनुसार, शिकायत दर्ज कराने और कई बार थाना खरसिया के चक्कर लगाने के बावजूद न बाइक मिली और न ही चोर पकड़ा गया। उनका कहना है कि पैर में तकलीफ होने के कारण बार-बार थाने जाना उनके लिए कठिन है। विनीत परिवार ने कहा खाना खरसिया में शिकायत दर्ज भी करा दे लेकिन ना तो समान मिलेगा ना हि चोर पकड़ा जाएगा यहीं कारण है कि मैं शिकायत नहीं करा
परिवारों में डर, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
घटना के बाद कॉलोनी के रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि यहां छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, , परिवार सहित रहते हैं। उनका कहना है कि यदि अपराधी इसी तरह बेखौफ घूमते रहे तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कॉलोनी में पुलिस की नियमित रात्रि गश्त, सख्त निगरानी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल...
जब संवेदनशील और सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में भी अपराधी बिना किसी भय के वारदात कर रहे हैं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर किस पर भरोसा करे?
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक कितनी जल्दी पहुंचती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।



