धनागर में प्रमाण पत्र को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, सरपंच पर गंभीर आरोप
रायगढ़/धनागर। धनागर ग्राम पंचायत में बच्चों के जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपकर ग्राम पंचायत के सरपंच पर मनमानी एवं ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त 2026 को गांव की युवती कविता सागर अपनी भतीजी के स्कूल में प्रवेश के लिए आवश्यक जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के उद्देश्य से सरपंच के घर पहुंची थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रमाण पत्र बनवाने के संबंध में जानकारी मांगने पर सरपंच द्वारा कथित तौर पर टालमटोल की गई और बाद में शिकायत करने की बात कहने पर कथित रूप से नाराजगी जताई गई।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम पंचायत से जुड़े कई कार्यों के लिए ग्रामीणों को सरपंच के पास जाना पड़ता है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत भवन का निर्माण वर्षों से नहीं हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को विभिन्न पंचायत संबंधी कार्यों के लिए सरपंच के घर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने शिकायत में आरोप लगाया कि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल में प्रवेश जैसे जरूरी कार्यों के लिए जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। ऐसे में इन प्रमाण पत्रों को लेकर कथित परेशानी से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने जिला पंचायत CEO से मामले की तत्काल जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित सरपंच के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामीण एवं विकास विभाग तथा जिला कलेक्टर रायगढ़ को भी सौंपे जाने का उल्लेख पत्र में किया गया है।
शिकायत पत्र पर कविता सागर सहित धनागर ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
हालांकि, सरपंच पक्ष का बयान इस शिकायत में उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

