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वृद्धाश्रम में मानसिक स्वास्थ्य शिविर: अवसाद, डिमेंशिया और तनाव की जांच, विशेषज्ञों ने बांटी दवाइयां

वृद्धाश्रम में मानसिक स्वास्थ्य शिविर: अवसाद, डिमेंशिया और तनाव की जांच, विशेषज्ञों ने बांटी दवाइयां

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सूरजपुर वृद्धाश्रम में शिविर; वरिष्ठ नागरिकों को परामर्श देकर स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की दी सलाह 

बढ़ती उम्र के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान (वृद्धाश्रम) सूरजपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विशेष मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मनोरोग विशेषज्ञों ने वृद्धजनों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया और जरूरतमंदों को नि:शुल्क दवाइयों का वितरण भी किया



मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा के निर्देशन तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित शर्मा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सचिन मातुरकर और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर नंदकिशोर वर्मा ने वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य का विस्तृत परीक्षण किया।

शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने अवसाद, चिंता, तनाव, अनिद्रा, भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) तथा बढ़ती उम्र में होने वाली अन्य मानसिक समस्याओं की पहचान कर उनका उपचार और व्यक्तिगत परामर्श दिया। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने की सलाह दी गई।

विशेषज्ञों ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ अकेलापन और मानसिक तनाव कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। ऐसे में समय पर पहचान और उपचार से इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। शिविर में प्रत्येक वृद्धजन से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी भावनात्मक और मानसिक स्थिति को समझा गया तथा आवश्यकता के अनुसार नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। गंभीर मामलों में नियमित फॉलो-अप और आगे के उपचार के लिए भी परामर्श दिया गया।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों तक सुलभ और संवेदनशील तरीके से पहुंचाना है, ताकि उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सके। शिविर के अंत में वृद्धाश्रम प्रबंधन और वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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