किसान की जमीन पर बिना सहमति बंधी निर्माण का आरोप, भुगतान रोकने की मांग
30 अगस्त 2026
महोबा। ग्राम इन्द्रहटा निवासी किसान आशुतोष आदि पुत्र रामप्रसाद शर्मा ने भूमि संरक्षण अधिकारी, महोबा उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र देकर उनकी जमीन पर बिना सहमति के बंधी निर्माण एवं मिट्टी डलवाने का कार्य कराए जाने का आरोप लगाया है। किसान ने मामले की पारदर्शी जांच कराकर संबंधित कार्य का भुगतान रोके जाने की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, ग्राम इन्द्रहटा स्थित मौजा इन्द्रहटा, गाटा संख्या 603 की भूमि पर भूमि संरक्षण विभाग द्वारा किसान की सहमति के बिना बंधी का निर्माण कराया जा रहा है। किसान का आरोप है कि इस कार्य में मशीन लगाकर करीब 48 घंटे तक मिट्टी का कार्य कराया गया, जिसकी लागत लाखों रुपये तक पहुंचने की बात कही गई है।
किसान ने पत्र में आरोप लगाया है कि कार्य से संबंधित मास्टर प्लान एवं माप-जोख की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पाई। किसान ने यह भी सवाल उठाया है कि जब जमीन पर कार्य किसान की सहमति के बिना कराया जा रहा है तो भुगतान की प्रक्रिया किस आधार पर की जा रही है।
नाले की स्थिति पर भी उठाए सवाल
आवेदन में किसान ने बताया कि संबंधित नाला स्थल पर मिट्टी की आवश्यकता नहीं है। उनका दावा है कि वहां पहले से ही लगभग तीन मीटर पहले से मिट्टी एवं बंधी डली हुई थी, इसके बावजूद मिट्टी की नाप कर भुगतान किए जाने की तैयारी की जा रही है। किसान ने इसे गलत बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
किसान ने भूमि संरक्षण विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कार्य की पारदर्शिता से जांच कराई जाए, मिट्टी की गलत नाप न की जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान रोका जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को संतुष्ट किए जाने की मांग भी की गई है।
शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, मंडलायुक्त बांदा, जिलाधिकारी महोबा, उप जिलाधिकारी कुलपहाड़ तथा जिला भूमि संरक्षण अधिकारी महोबा को भी भेजी गई है।
गाटा संख्या - ( 603/1 ) है
उपजाऊ मिट्टी की क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की कृपा की जाए
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।