कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के नारे के साथ जिले के प्रवास पर प्रांताध्यक्ष बाघ जी का स्वागत किया गया।
16 अगस्त 2026
14 अगस्त 2026
कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के नारे के साथ जिले के प्रवास पर प्रांताध्यक्ष बाघ जी का स्वागत किया गया।
कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ पंजीयन क्रमांक 40 के बैनर तले रायगढ़ जिला का जिला स्तरीय बैठक प्रांताध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ जी के मुख्य आतिथ्य में आहूत किया गया था,जिसमें रायगढ़ जिले के अलावा जशपुर, सारंगढ़ ,बिलाईगढ़ जिले के प्रमुख प्रतिनिधि भी शामिल हुए। रायगढ़ जिले के सभी तहसीलों धरमजयगढ़,रायगढ़,पुसौर, खरसिया, लैलूंगा, तमनार, घर घोड़ा के लगभग 200 कोटवारों की उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्याम लाल चौहान ने की तथा संचालन प्रांतीय संगठन मंत्री एवं जिला उपाध्यक्ष मनोहर लाल चौहान एवं जिला सचिव संजय बैठक में उपस्थित कोटवारों को संबोधित करते हुए बाघ जी ने सर्वप्रथम सभी को संगठन प्रति विश्वास और आस्था के लिए तथा अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर अभी तक संगठन के साथ सामंजस्य बनाए रखने के लिए आभार व्यक्त किया और 80 वें स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी।
बाघ जी ने उपस्थित प्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करते हुए संगठन के संघर्षों के द्वारा हुई उपलब्धियों के बारे में बताया कि पहले कोटवारों की दयनीय स्थिति थी परन्तु आप सभी के सहयोग से कोटवारों का जीवन स्तर सुधरा है।
380/-रू माहवारी से 6000/- रूपये तक पारिश्रमिक वृद्धि, वर्दी के कपड़ों की गुणवत्ता में सुधार,सिलाई की राशि 3 वर्ष में एक बार गर्म कोट, रात्रि कालीन ड्यूटी से मुक्ति, 60 वर्ष की सेवा निवृत्त करने के आदेश को शिथिल करना, बिना हाई कोर्ट गए जमीन का भूमि स्वामी हक़ पाना उस आदेश को भाजपा शासन द्वारा निरस्त करने पर उसको चुनौती देकर पुनः भूमि स्वामी अधिकार को हासिल करने में कामयाब होना, बेगारी न लेने संबंधी आदेश, जमीन बेचने वाले कोटवारों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश को निरस्त कराना, कोटवारों को सायकिल टार्च दिलवाना, राशनकार्ड से कोटवारों को वंचित किया जा रहा था उसे पुनः जुड़वाना धान खरीदी के समय कोटवारों की समस्याओं का समाधान करने से लेकर नक्सली इलाकों में आहत कोटवारों के लिए शासन से आर्थिक सहयोग से लेकर बहुत से आदेश करवाने की बात याद दिलाते हुए संगठन विरोधी लोगों को आड़े हाथों लिया और अफसोस जताया कि आज ऐसे संगठन विरोधी लोग जो भ्रामक व झुठी बातों को बताकर दुष्प्रचार किया कर रहे हैं उनकी बातों में आकर हम अपना मन खराब कर रहे हैं।
रूकेश नगारची जिसको कोटवार नियुक्त हुए महज दो या तीन साल हुए हैं हमसे हिसाब मांगता है, अपने आपको स्वयंभू कानूनी सलाहकार बताता है और न्याय दिलाने की बात करता है जिस व्यक्ति को न अपने परिवार में न समाज में न तो गांव में न शासकीय अधिकारियों में कोई इज्जत है वो कोटवारों को न्याय दिलाने चला है।
जो व्यक्ति कोटवारों के भूमि स्वामी हक़ में दर्ज जमीन को वापस सेवा भूमि दर्ज करने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को और सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर दबाव बनाता है, जो व्यक्ति पदाधिकारियों के घरों में जाकर चोरी छुपे विडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर रहा है, अनाधिकृत रूप से उनके जमीन संबंधी जानकारी इकट्ठा कर दिया दुष्प्रचार कर रहा है और उनकी छवि को धुमिल कर रहा है, जो व्यक्ति देवेंद्र चौहान जैसे संगठन से निष्कासित लोगों के साथ मिलकर संगठन के खिलाफ रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटी में शिकायत दर्ज किया है वो कोटवारों का हितैषी होने का ढोंग कर रहा है और हमारे साथी उनके वाट्सएप ग्रुप में शामिल होकर मजे ले रहे हैं।
बाघ जी ने अपील करते हुए कहा कि ऐसे संगठन विरोधी लोगों से सावधान रहिए अन्यथा यदि संगठन टूटा तो आपको अनेक प्रकार की यातनाओं को झेलना पड़ेगा। जमीन का मामला बिगड़ चुका है और यदि समय रहते हम संगठित होकर नहीं लड़े तो जिन्दगी भर के लिए हमारी मालगुजारी जमीन हमारे हाथ से निकल जाएगी फिर बाद में हमारे पास उस जमीन को वापस पाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
अभी हमारे पास सिर्फ एक ही विकल्प है कि हम जितनी जल्दी हो सके सुप्रीम कोर्ट जाएं।
सुप्रीम कोर्ट यदि कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ पंजीयन क्रमांक छत्तीसगढ़ राज्य 40 के माध्यम से अपील में जाते हैं तो कुछ सम्भावना है अन्यथा यदि कोई दूसरा व्यक्ति बिना सोचे समझे गद्दारों के भुलावे में आकर चला गया और प्रकरण खारिज करवा लिया तो फिर हमारे लिए भी सभी रास्ते बंद हो जाएंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन मंत्री द्वय मनोहर लाल चौहान एवं चन्द्रप्रसाद सिदार ने कहा कि हम बार-बार आपको समझाते आ रहे हैं कि शासन द्वारा कोटवारों के मौलिक अधिकार को छिनने के अलावा विभिन्न प्रकार से ड्यूटी लगा कर कोटवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
कोटवारों की ड्यूटी ग्राम स्तर के लिए होती है, जिनका उपयोग आदेश उपरांत भी अल्प पारिश्रमिक राशि देकर कोटवारों से शासकीय नियमित कर्मचारियों की तरह ड्यूटी ली जाती है जैसे कि भृत्य ,माल जमादार , कानूनगो ,ड्राइवर ,स्वीपर की ड्यूटी लगाई जाती है , न्यायालय के आदेश का वाहक बनाकर नोटिस तामील कराई जाती है, जबकि मालूम है कोटवारों को किसी भी प्रकार से जोखिम भत्ता अथवा यात्रा भत्ता अथवा भोजन भत्ता या अन्य सुविधा या लाभ प्राप्त नहीं होता। संघ के जिला अध्यक्ष श्याम लाल चौहान ने बताया कि आज कोटवारों को जो पारिश्रमिक मिलता है वो दैनिक मजदूरी से भी कम है महज 3000 से अधिकतम 6000/-रू में कोटवारों से अनेकों प्रकार के बेगारी के काम करवा कर सरकार कोटवारों का शोषण कर रही है। मालगुजारी भूमि पर भूमि स्वामी का संवैधानिक अधिकार मान्य उच्च न्यायालय ने दिया था जिसे डबल बैंच में खारिज कर दिया गया उसे हमने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का प्रयास किया पर समय अवधि पार हो जाने तथा हमसे पहले किसी के प्रकरण को खारिज किए जाने की बात कहकर हमारे प्रकरण को वापस कर दिया गया जिसके बाद हमने पुनः हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया पर गजेंद्र दास वाला प्रकरण फुल बेंच में चला गया था जिसमें हमने अपने पक्ष को रखने की कोशिश की पर फुल बैंच में हमें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया जिसके लिए हमें सुप्रीम कोर्ट जाने का एक अंतिम अवसर मिला है यदि समय रहते हमनें अपील प्रकरण दर्ज किया तब तो ठीक है अन्यथा पछताना पड़ेगा।
पदाधिकारियों ने
कोटवारों को विधिवत रणनीति सुनिश्चित कर लड़ाई लड़ने के विषय में बारीकी से जानकारी दी। इस कार्यक्रम में मनोहर लाल चौहान जिला उपाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री सहित प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रप्रकाश सिदार एवं श्यामलाल चौहान जिला अध्यक्ष रायगढ़ एवं तहसील अध्यक्ष अशोक एशो चौहान लैलूंगा एवं धनूर्जय चौहान , श्री मेहतर चौहान खरसिया अध्यक्ष एवं श्री श्यामलाल चौहान तमनार अध्यक्ष, एवं वरिष्ठ कार्यकारिणी श्री चौहान एवं संजय चौहान द्वारा संचालन करते हुए सभा को संबोधित करते हुए संघ में एक जुटता बनाए रखने की सभी लोगों ने संकल्प ली एवं आने वाली भविष्य में किसी भी प्रकार से कोई भी कोटवार के साथ अन्याय ना हो इस प्रकार से बातें को रखा गया, कोटवारों द्वारा उत्साह वर्धन करते हुए माननीय प्रेम किशोर बाघ संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं का नारा लगाया गया। बैठक में
मंथीर दास भटगांव बिलाई गढ़ कीर्तन दास मानिकपुरी सारंगढ़ नंदकुमार चौहान जशपुर पत्थलगांव एवं राम सहाय पुसौर शौकी लाल सारथी रायगढ़ विष्णु प्रसाद चौहान , नंद कुमार, करम सिंह चौहान डमरू धार चौहान रामप्रसाद चौहान जी महिलाओ की उत्साह भी देखते बन रही थी जमुना चौहान नारंगी, सीमा ,दीपा, पुष्पा महंत आदि सैकड़ो लोगों की गरिमामय उपस्थिति रही