गांव पतरापाली में पोषण माह के साथ अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित, मातृ-शिशु पोषण पर दिया जोर.
17 सितंबर 2026
खरसिया। एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना खरसिया के अंतर्गत सेक्टर बोतलदा के ग्राम पतरापाली में पोषण माह के तहत जागरूकता कार्यक्रम, अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं, बच्चों, सास एवं पति सहित ग्रामीणों की सहभागिता रही। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की पहचान तथा संतुलित आहार को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं, शिशुवती महिलाओं एवं बच्चों का वजन मापन किया गया। बच्चों की वृद्धि एवं पोषण स्थिति की नियमित निगरानी के महत्व के बारे में परिवारजनों को जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं में एनीमिया की पहचान एवं उससे बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की गई।
गोदभराई कार्यक्रम में गर्भवती महिला को दी पोषण की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म भी आयोजित की गई। इस अवसर पर गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा स्वास्थ्य विभाग एवं आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। परिवार के सदस्यों को भी गर्भवती महिला के स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई।
अन्नप्राशन के माध्यम से बच्चों के पूरक आहार पर जोर
कार्यक्रम में बच्चे का अन्नप्राशन भी कराया गया। इस अवसर पर परिवारजनों को बच्चों को निर्धारित समय पर पूरक आहार शुरू करने तथा उम्र के अनुसार पौष्टिक एवं विविध खाद्य पदार्थ देने के संबंध में जानकारी दी गई। बच्चों के उचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए स्तनपान के साथ उपयुक्त समय पर पूरक आहार की शुरुआत और नियमित पोषण की निगरानी के महत्व को बताया गया।
हरी सब्जी, मुनगा और पौष्टिक आहार लेने की सलाह
पोषण माह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को दैनिक भोजन में पोषणयुक्त टीएचआर, हरी एवं पत्तेदार सब्जियां, मुनगा, दाल, अनाज तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह दी गई। विशेष रूप से गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पर्याप्त एवं संतुलित आहार लेने के लिए जागरूक किया गया।
महिलाओं एवं परिवारजनों को एनीमिया से बचाव के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के नियमित वजन मापन एवं वृद्धि की निगरानी के लिए आंगनबाड़ी केंद्र से निरंतर जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया गया।
परिवार की सहभागिता से बेहतर होगा मातृ-शिशु स्वास्थ्य
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पति, सास और परिवार के अन्य सदस्यों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। परिवारजनों से गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य का नियमित ध्यान रखने की अपील की गई।
इस अवसर पर सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती उमा देवी साहू एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सहायक तकनीकी सहयोगी नरेन्द्र कश्यप द्वारा आवश्यक जानकारी एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेमवती राठिया एवं तुलेश्वरी राठिया, सहायिका संता राठिया, ग्रामीण प्रियंका गुप्ता एवं शत्रुहन प्रसाद साहू, सहायक शिक्षक मनोरमा टोप्पो एवं अशोक देवांगन सहित गर्भवती एवं शिशुवती महिलाएं, बच्चे, परिवारजन एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को सुपोषित परिवार, स्वस्थ माता एवं स्वस्थ बच्चे के लिए नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच और आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया।