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सरगुजा में पत्रकारों पर दबाव और चरित्र-हनन का मामला राजधानी पहुंचाप्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग

सरगुजा में पत्रकारों पर दबाव और चरित्र-हनन का मामला राजधानी पहुंचाप्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग


संवाददाता संतोष कुमार चौहान 
साइंस वाणी न्यूज़ रायपुर 

रायपुर, छत्तीसगढ़। सरगुजा संभाग और अंबिकापुर क्षेत्र में पत्रकारों एवं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स पर कथित दबाव, धमकी, चरित्र-हनन और शिकायतों के जरिए प्रताड़ित किए जाने के मामलों को लेकर अब मामला राजधानी रायपुर पहुंच गया है। प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन की छत्तीसगढ़ इकाई ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर संबंधित मामलों की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
एसोसिएशन के अनुसार, सरगुजा संभाग अनुसूचित क्षेत्र है और यहां वन उपज, खनिज तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हैं। संगठन का दावा है कि भूमि, रेत, खनन और कथित भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों पर स्थानीय पत्रकार एवं सोशल मीडिया एक्टिविस्ट लगातार रिपोर्टिंग करते रहे हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि ऐसी रिपोर्टिंग से प्रभावित लोगों द्वारा पत्रकारों को दबाव में लाने के लिए विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एडिटेड वीडियो और सोशल मीडिया अभियानों की जांच की मांग
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ पत्रकारों के बयानों और वीडियो की आधी-अधूरी अथवा एडिटेड क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं। संगठन ने कहा है कि किसी वायरल वीडियो, ऑडियो या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर कार्रवाई करने से पहले उसके मूल स्रोत, पूरा वीडियो, पोस्टिंग की समय-क्रम जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जानी चाहिए।
कई पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के मामलों का उल्लेख
एसोसिएशन ने ज्ञापन में विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। इनमें मनोज पांडे, संपादक बुलंद छत्तीसगढ़, से संबंधित जनसंपर्क कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप वाले FIR प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है।
इसी तरह जितेंद्र जायसवाल, संपादक भारत सम्मान, के खिलाफ वर्ष 2022 से दर्ज प्रकरणों और हुई कार्यवाहियों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई है। संगठन के अनुसार, उन्होंने आदिवासी एवं गरीब वर्ग के मुद्दों, भूमि विवादों तथा पंकज बेक की हिरासत में मौत जैसे मामलों को उठाया है।
आकांक्षा टोप्पो, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर, से संबंधित मामलों और कथित धमकियों की भी निष्पक्ष जांच की मांग ज्ञापन में की गई है। वहीं अमित पांडे, पत्रकार जशपुर-पत्थलगांव, के खिलाफ SC/ST Act सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज मामलों की निष्पक्ष पड़ताल की मांग रखी गई है।
अकील अहमद अंसारी के मामले में संगठन ने भ्रष्टाचार एवं जनहित के मुद्दों को उठाने तथा कथित ‘अनुपम वस्त्रालय प्रकरण’ को सामने लाने के बाद हुए चरित्र-हनन के आरोपों की जांच की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त मामले की जांच के बाद विवेचक प्रधान आरक्षक को निलंबित किया गया था।
इसके अलावा, 21 सितंबर 2026 को सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा IG सरगुजा रेंज को दी गई शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मंगाए जाने का आग्रह एसोसिएशन ने किया है।
डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स, मूल वीडियो-ऑडियो, पोस्ट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट अथवा परिवर्तित होने की आशंका न रहे।
संगठन ने पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकारों के निजी जीवन एवं चरित्र को निशाना बनाने वाली शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर ठोस व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।
“पत्रकार कानून से ऊपर नहीं, लेकिन निष्पक्ष जांच जरूरी”
प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मिश्रा ने कहा कि पत्रकार कानून से ऊपर नहीं हैं। यदि किसी पत्रकार के विरुद्ध वास्तविक अपराध के साक्ष्य मौजूद हैं तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को दबाने के लिए चरित्र-हनन, फर्जी शिकायतों अथवा षड्यंत्रकारी अभियानों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों अथवा स्वतंत्र जांच एजेंसी के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

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