आश्रम शाला डूडुमचुंवाँ में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस
04 सितंबर 2026
सरायपाली
शास आदिवासी कन्या आश्रम डूडुमचुंवाँ में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। समारोह की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा किए गए आकर्षक संचालन से हुई, जिसके बाद भावपूर्ण गायन, मनमोहक नृत्य और कविता पाठ के साथ सहित विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियाँ दी गईं।
सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक सुन्दर लाल डडसेना ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन का गुणगान करते हुए कहा कि उनका जीवन शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी है,शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत के बीच फर्क समझाते हैं, मुश्किल परिस्थितियों में आगे बढ़ने का हौसला देते हैं और जीवन में बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देते हैं।उन्होंने विद्यार्थी के पांच लक्षणों के बारे में कहानी के माध्यम से बताया।शिक्षक डिंगर दास वैष्णव ने शिक्षकों के तीन गुणों के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षक के प्रथम अक्षर शि के शिष्टाचारी,क्ष से क्षमाशील,क से कर्त्तव्यनिष्ठ होता है।
प्रधान पाठक कु. अंजनी चौहान ने कहा कि शिक्षक को ज्ञानवान,धैर्यवान, सहानुभूति,प्रेरणादायक, कुशल वक्ता,आत्मविश्वासी के साथ कुशल सलाहकार होना चाहिए।इसी के साथ पुलिस गार्ड पुनम सिदार ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान के लिए बच्चों को जागरूक होना चाहिए और हमेशा गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत सदैव सम्मान करना चाहिए।शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में बच्चों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जिसमें मानवी मानिकपुरी, रिषिका साहू,भूमि खड़िया,पुनम खडिया,रानू,नेहा सिदार,कमला,मंजू,कुमकुम सिदार, निमाबाई,नीलेश्वरी,पिंकी, रेणु,निकिता कैवर्त,प्रीति, दीक्षा,सुरभि और देवकी ने कार्यक्रम में भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन यामिनी साहू और आभार प्रदर्शन पुनम सिदार ने किया।इस अवसर पर प्रधान पाठक कु अंजनी चौहान,शिक्षक डिंगर दास वैष्णव,सुन्दर लाल डडसेना, पुलिस गार्ड पुनम सिदार, स्कूल स्वीपर पिरोबती सागर,आश्रम रसोइया मीरा जगत और सरोजनी यादव,स्कूल रसोइया सुशीला जायसवाल और प्रियंका साव के साथ बच्चे उपस्थित रहे।