रिवारा में पर्यावरणीय लोक सुनवाई में गूंजा जनहित का मुद्दा*
24 सितंबर 2026
*ग्रामीणों ने मांगा रोजगार, सड़क, पानी और बेहतर स्वास्थ्य; प्रदूषण नियंत्रण पर भी जताई चिंता*
*फैक्ट्री प्रबंधन का भरोसा—विकास के साथ स्थानीय हितों और पर्यावरण का रखा जाएगा ध्यान*
श्री निवास मिश्रा
मैहर। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना को लेकर ग्राम रिवारा में आयोजित पर्यावरणीय लोक सुनवाई में क्षेत्र की आवाज प्रमुखता से सामने आई। बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखते हुए रोजगार, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, मूलभूत सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कई मांगें प्रशासन एवं फैक्ट्री प्रबंधन के समक्ष रखीं।
लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ आसपास के गांवों के विकास को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रभावित एवं समीपवर्ती गांवों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की मांग उठाई गई।
*स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण की मांग*
ग्रामीणों ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि प्रस्तावित परियोजना से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं तो स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए क्षेत्र में कौशल विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी गई।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि रोजगार के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर विकास गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
*धूल-धुएं पर नियंत्रण और जलस्रोतों की सुरक्षा जरूरी*
लोक सुनवाई में पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने औद्योगिक गतिविधियों से संभावित धूल एवं धुएं के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की मांग की।
इसके अलावा आसपास के जलस्रोतों, कृषि भूमि और हरित क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पौधरोपण बढ़ाने तथा पर्यावरणीय मानकों की प्रभावी निगरानी की मांग भी ग्रामीणों द्वारा रखी गई।
*‘रिवारा के विकास में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर’*
ग्रामीणों की मांगों पर फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया कि क्षेत्र के विकास और जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रबंधन ने कहा कि पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए आवश्यक विकास कार्यों में सहयोग किया जाएगा तथा स्थानीय लोगों की जायज मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।
प्रबंधन की ओर से यह भरोसा भी दिलाया गया कि जिस तरह आसपास के क्षेत्रों के विकास में सहयोग किया गया है, उसी तरह रिवारा क्षेत्र के विकास में भी कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
*मौके पर दर्ज किए गए सुझाव और आपत्तियां*
लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा रखे गए सुझावों और आपत्तियों को नियमानुसार दर्ज किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की बात सुनी और परियोजना से जुड़े विषयों पर उनकी राय दर्ज की।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, फैक्ट्री प्रबंधन के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
*विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर*
लोक सुनवाई में ग्रामीणों द्वारा रखे गए मुद्दों में औद्योगिक विकास और स्थानीय जनहित के बीच संतुलन बनाए रखने की मांग प्रमुख रही। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनके सुझावों और मांगों को परियोजना के आगामी कार्यों में उचित महत्व दिया जाएगा तथा क्षेत्र को विकास, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
*लोक सुनवाई की अध्यक्षता रीजनल अधिकारी सुधांशु तिवारी एवं मैहर एसडीएम दिव्या पटेल ने की।*