प्रकृति से लाभ
17 सितंबर 2026
मंगल जंगल अमंगल हारी।
प्रकृति दियेहु अगम उपहारी।
रोगी के दवा मिले गुणकारी।
जगल मंगल सुखकारी ।
जंगल मंगल अमंगल हारी ।
पेड़ पता जडी स्वास्थ्य कारी।
प्रकृति हरिहर सोहे मनोहारी ।
मंगल जंगल अमंगल हारी।
प्रकृति से उपजे अन्न आहार।
उसी होत है जीवन में व्यवहार
झर झर खल खल बहे झरिया
कुहु कुहु चिही चिही चिड़िया ।
पेड़ पते गुन गुनाये गाना ।
झरिया सिखाये बढते जाना ।
मंगल जंगल अमंगल हारी।
रचियता
भोगसिह माझी
कौहाकुन्डा पहाड़ मंदिर रायगढ़