समूह की महिलाएं कर रही मशरूम की खेती, आर्थिक रूप से हो रही सशक्त**राधा-कृष्ण स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपनाया नवाचार
30 सितंबर 2026
जिला मुंगेली
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*20 से 25 किलोग्राम तक मशरूम का हो रहा उत्पादन*
मुंगेली, 30 सितंबर
जिले के ग्राम गीधा की स्व सहायता समूह की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। राधा-कृष्ण स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मशरूम उत्पादन का व्यवसाय शुरू किया। पारंपरिक आजीविका के साथ आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाई गई मशरूम की खेती अब समूह की महिलाओं के लिए आर्थिक गतिविधि का माध्यम बन रही है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती रीना निषाद ने बताया कि समूह के माध्यम से महिलाओं को एक साथ मिलकर काम करने और नए आजीविका साधन अपनाने का अवसर मिला। इसी क्रम में समूह के सदस्यों ने मशरूम की खेती शुरू की। मेहनत और नियमित देखभाल से समूह द्वारा एक उत्पादन चक्र में लगभग 20 से 25 किलोग्राम तक मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तैयार मशरूम की बिक्री से समूह की महिलाओं को आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनमें अपने स्तर पर व्यवसाय करने का आत्मविश्वास बढ़ा है। समूह की गतिविधियों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्रिय होने के साथ-साथ मिल-जुलकर कार्य करने और अपनी आय के साधन विकसित करने का अवसर दिया है।
रीना निषाद ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में अपने पैरों पर खड़े होने और कुछ नया करने का उत्साह बढ़ा है। समूह की महिलाएं मिलकर मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया में सहभागिता करती हैं और उत्पादन की देखरेख से लेकर तैयार उत्पाद की बिक्री तक के कार्यों में सहयोग करती हैं। मशरूम उत्पादन के माध्यम से समूह ने कम स्थान में आजीविका का नया विकल्प विकसित किया है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम करने का अवसर मिल रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में भी सहयोग मिल रहा है। रीना निषाद ने कहा कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्हें अपने हुनर और मेहनत को आय के साधन में बदलने का अवसर मिला है। उनका कहना है कि समूह की एकजुटता, नियमित मेहनत और नए आजीविका साधनों को अपनाने की सोच से महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खुल रही है।