विकसित ग्राम पंचायत कार्ययोजना से गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा*मैदानी अमले को दिया गया प्रशिक्षण
30 सितंबर 2026
देवेंद्र जायसवाल
7024356958
मुंगेली, 30 सितंबर
विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी-रामजी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने एवं उसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझाने के उद्देश्य से जिला पंचायत मुंगेली में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के तीनों विकासखंडों के अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक तथा विभिन्न लाइन विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता आधारित कार्ययोजना तैयार करना तथा स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर श्री के.के. साहू, एपीओ वीबी-जी-रामजी एवं श्री नवीन जायसवाल, कंप्यूटर प्रोग्रामर ने वीजीपीपी तैयार करने की प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। मास्टर ट्रेनरों ने ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की पहचान, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन तथा उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कार्यों को प्राथमिकता क्रम में शामिल करने की प्रक्रिया समझाई। इसके साथ ही योजनांतर्गत कार्यों के चयन, आवश्यक प्रावधानों, कार्ययोजना तैयार करने तथा स्वीकृत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि ग्राम पंचायत की कार्ययोजना तैयार करते समय ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय प्राथमिकताओं को केंद्र में रखना आवश्यक है। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकेगी, जिनका प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को प्राप्त हो।
प्रशिक्षण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखते हुए मैदानी स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने की व्यवहारिक प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं की पहचान से लेकर कार्यों के चयन, प्राथमिकता निर्धारण और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने तक की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों में तालमेल बनाते हुए उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सके। प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वीजीपीपी तैयार करने, कार्यों के चयन, प्राथमिकता निर्धारण एवं योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न प्रश्न एवं जिज्ञासाएं रखीं। मास्टर ट्रेनरों ने सभी प्रश्नों का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।