खरसिया थाना परिसर में पहली बार ग्रामीण स्तर पर शांति समिति की बैठक! जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल की पहल पर जुटे 81 पंचायतों के जनप्रतिनिधि
नशाखोरी और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग, दुर्गा पूजा में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने पुलिस प्रशासन ने दिया भरोसा
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल, थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव, छाया विधायक महेश साहू और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हितेश गवेल सहित जनप्रतिनिधि रहे मौजूद; वर्षों बाद ग्रामीणों को मिला अपनी समस्याएं रखने का साझा मंच
साइंस वाणी न्यूज़ | खरसिया।
खरसिया तहसील में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने की दिशा में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। खरसिया थाना परिसर में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल की पहल पर तहसील की 81 पंचायतों से जुड़े जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरसिया थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव, छाया विधायक महेश साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हितेश गवेल सहित क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, सरपंच, बीडीसी, डीडीसी, ग्राम कोटवार तथा बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी दुर्गा पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, डीजे एवं गम्मत कार्यक्रमों में नियमों का पालन कराने, गांव-गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने नशाखोरी को सामाजिक समस्या बताते हुए पुलिस प्रशासन से प्रभावी निगरानी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि ग्रामीणों के अनुसार, पहली बार इस तरह की व्यापक ग्रामीण स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित नहीं हुई थी। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल की पहल पर 81 पंचायतों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने का प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना। बैठक ने ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखने का अवसर प्रदान किया।
रविंद्र गवेल की पहल से 81 पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर, ग्रामीण समस्याओं पर हुआ मंथन
खरसिया तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक चर्चा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल की पहल पर यह बैठक आयोजित की गई। इसमें 81 पंचायतों से जुड़े सरपंच, बीडीसी, डीडीसी, ग्राम कोटवार, महिला-पुरुष ग्रामीण और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य केवल दुर्गा पूजा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नशाखोरी, असामाजिक गतिविधियों, स्थानीय विवादों और कानून-व्यवस्था से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
कई वर्षों के अंतराल के बाद इस स्तर पर बैठक आयोजित होने से ग्रामीणों को अपनी बात रखने का अवसर मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस पहल का प्रमुख संदेश रहा कि गांवों में शांति और सुरक्षा बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों, आयोजन समितियों और प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
हर गांव में दुर्गा पूजा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि : रविंद्र गवेल
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल ने धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान खरसिया क्षेत्र के लगभग हर गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। कहीं एक स्थान पर तो कहीं कई स्थानों पर माता रानी की स्थापना होती है। इन नौ दिनों में पूरे ग्रामीण अंचल में धार्मिक आस्था, उत्साह और उल्लास का वातावरण रहता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, कार्यक्रमों का अनुशासित संचालन तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष सतर्कता आवश्यक है। इसके लिए पुलिस प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, दुर्गा पूजा समितियों और आम नागरिकों को आपसी सहयोग के साथ काम करना चाहिए।
रविंद्र गवेल की पहल पर आयोजित इस बैठक में ग्रामीणों की व्यापक भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया। बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धार्मिक आयोजनों की सफलता के लिए शांति, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
थाना प्रभारी सीता राम ध्रुवा ने कहा डीजे, गम्मत और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की नजर, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
खरसिया थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव ने बैठक में स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। दुर्गा पूजा सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे, गम्मत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लागू नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शांति भंग करने, विवाद उत्पन्न करने अथवा सामाजिक वातावरण खराब करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक आयोजनों के दौरान आयोजन समितियों और ग्रामीणों को भी जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी विवाद, संदिग्ध गतिविधि या संभावित तनाव की जानकारी समय रहते पुलिस को दें। समय पर सूचना मिलने से आवश्यक कदम उठाकर स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
उन्होंने नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशाखोरी व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। परिवार के सदस्यों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
गांव-गांव में बिक रहे नशीले पदार्थों पर रोक लगाने की मांग, ग्रामीणों ने जताई गंभीर चिंता
बैठक में ग्रामीणों ने गांवों में नशीले पदार्थों की बिक्री और बढ़ती नशाखोरी को लेकर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना था कि नशे की प्रवृत्ति से पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है और सामाजिक वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
ग्रामीणों ने मांग की कि गांव-गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। जहां भी अवैध बिक्री की शिकायत सामने आए, वहां जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस की निगरानी के साथ-साथ परिवारों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के आपसी सहयोग से नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में काम किया जाएगा।
छाया विधायक महेश साहू ने दिया शांति और भाईचारे का संदेश
बैठक में छाया विधायक महेश साहू ने कहा कि नवरात्रि के दौरान गांव-गांव में मां दुर्गा की स्थापना और पूजा-अर्चना से धार्मिक आस्था के साथ आपसी भाईचारे का वातावरण बनता है। नौ दिनों तक ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह और भक्ति का माहौल रहता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे पवित्र अवसरों पर किसी प्रकार का विवाद या अशांति नहीं होनी चाहिए। शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाएं तथा गांवों में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
बैठक में धार्मिक आयोजनों के दौरान अनुशासन बनाए रखने, सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देने और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
सरपंचों, बीडीसी, डीडीसी और ग्राम कोटवारों ने खुलकर रखीं अपनी समस्याएं
बैठक में 81 पंचायतों से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सरपंचों, बीडीसी, डीडीसी, ग्राम कोटवारों तथा ग्रामीणों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सामने रखा।
ग्रामीण स्तर पर शांति व्यवस्था को मजबूत करने, धार्मिक आयोजनों के दौरान सतर्कता बरतने, नशाखोरी पर अंकुश लगाने तथा पुलिस और जनता के बीच नियमित संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों को अपनी बात रखने का अवसर मिलने से यह आवश्यकता भी सामने आई कि ऐसी बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाएं। इससे स्थानीय समस्याओं की जानकारी समय रहते संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकेगी और विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले सुलझाने के प्रयास किए जा सकेंगे।
वर्षों बाद ग्रामीण स्तर पर व्यापक बैठक, अब नियमित आयोजन की उम्मीद
खरसिया थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की यह बैठक ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्षों से इस प्रकार की व्यापक बैठक नहीं हुई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल की पहल पर 81 पंचायतों से जुड़े प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया।
इस पहल ने ग्रामीण क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया। अब ग्रामीणों की अपेक्षा है कि ऐसी बैठकें केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रहें, बल्कि समय-समय पर आयोजित हों, ताकि नशाखोरी, असामाजिक गतिविधियों और अन्य स्थानीय समस्याओं पर लगातार चर्चा होती रहे।
बैठक में उठाए गए मुद्दों पर आगे होने वाली कार्रवाई भी महत्वपूर्ण रहेगी। विशेष रूप से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर नियंत्रण, धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी जैसे विषयों पर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
शांति, सुरक्षा और सौहार्द का संदेश लेकर संपन्न हुई बैठक
खरसिया थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक ने यह संदेश दिया कि धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल की पहल पर आयोजित इस बैठक में थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव, छाया विधायक महेश साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हितेश गवेल सहित 81 पंचायतों से जुड़े प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता रही। नशाखोरी पर अंकुश लगाने, असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई और ग्रामीणों की समस्याओं पर समय रहते ध्यान देने जैसे मुद्दों को प्रमुखता मिली।
अब ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बैठक में उठाई गई मांगों पर किस प्रकार कार्रवाई होती है और ग्रामीण स्तर पर शांति समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। पुलिस प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच निरंतर समन्वय से खरसिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
छत्तीसगढ़ संपादक
किशोर कुमार चौहान


