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BIG BREAKING: लैलूंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रैक्टर की टक्कर से तीन बच्चे गंभीर घायल; एक का पैर काटना पड़ा

BIG BREAKING: लैलूंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रैक्टर की टक्कर से तीन बच्चे गंभीर घायल; एक का पैर काटना पड़ा



संवाददाता : संतोष कुमार चौहान / साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा

मुड़ापारा–केशला मार्ग पर हादसे के बाद परिजनों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल, एसपी से लगाई न्याय की गुहार

घायल बच्चे को सड़क से खींचकर खेत में फेंकने और दूसरे का गला दबाने की कोशिश का गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

लैलूंगा/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है। मुड़ापारा–केशला मार्ग पर मोटरसाइकिल के साथ सड़क किनारे खड़े तीन बच्चों को कथित तौर पर एक ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में घायल बच्चों की स्थिति गंभीर बताई गई है। परिजनों के अनुसार, उपचार के दौरान एक बच्चे का पैर काटना पड़ा, जबकि दो बच्चे आईसीयू में भर्ती थे।

मामले को लेकर घायल बच्चों के परिजन गिरधारी लाल प्रधान ने ट्रैक्टर चालक, ट्रैक्टर मालिक और एक अन्य व्यक्ति के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता ने घटना के बाद की परिस्थितियों, कथित दुर्व्यवहार और पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की जांच का निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

30 सितंबर की शाम हुआ हादसा, तीन बच्चे आए चपेट में

शिकायत आवेदन के मुताबिक, घटना 30 सितंबर 2026 की शाम मुड़ापारा–केशला मार्ग के बीच हुई। आरोप है कि सड़क किनारे मोटरसाइकिल के साथ खड़े आकाश प्रधान, अमन डेल्की और चन्द्रशेखर साहू को एक ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर बताई गई कि तीनों बच्चे घायल हो गए और उन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और तीनों घायलों को शासकीय अस्पताल लैलूंगा ले गए। वहां चिकित्सकों ने बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रायगढ़ रेफर कर दिया।

हादसे के बाद घायल बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप

इस मामले में शिकायतकर्ता ने ट्रैक्टर मालिक बबलू पटेल का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि हादसे के बाद ट्रैक्टर को घटनास्थल से हटवा दिया गया। वहीं, खेरवहा निवासी भवानी पंडा पर घायल चन्द्रशेखर साहू को सड़क से खींचकर खेत में फेंकने तथा दूसरे घायल बच्चे अमन डेल्की का गला दबाकर मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी सत्यता का निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा। मामले में संबंधित व्यक्तियों का पक्ष तथा पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आना भी आवश्यक है।

उपचार के दौरान एक बच्चे का पैर काटना पड़ा, दो आईसीयू में भर्ती होने का दावा

परिजनों के अनुसार, हादसे में घायल बच्चों को पहले लैलूंगा के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायगढ़ भेजा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि रायगढ़ स्थित अपेक्स अस्पताल में उपचार के दौरान चन्द्रशेखर साहू के पैर में संक्रमण ठीक नहीं होने के कारण उसका पैर काटना पड़ा।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 7 अक्टूबर 2026 तक दो बच्चे आईसीयू में भर्ती थे। हादसे और उपचार के इन विवरणों की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय अभिलेखों से की जानी आवश्यक है।

एक ओर बच्चे के गंभीर रूप से घायल होने और पैर काटे जाने की पीड़ा से परिवार जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर परिजन घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

थाना लैलूंगा में शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

गिरधारी लाल प्रधान के आवेदन के अनुसार, घटना के संबंध में 30 सितंबर 2026 को थाना लैलूंगा में शिकायत दी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने थाना प्रभारी से चर्चा करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात कही है।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर मामले में हस्तक्षेप करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

एसपी से न्याय की उम्मीद, निष्पक्ष जांच की मांग

तीन बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने और एक बच्चे का पैर काटे जाने की बात सामने आने के बाद यह मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। परिजन चाहते हैं कि हादसे की परिस्थितियों की जांच हो, ट्रैक्टर चालक की भूमिका स्पष्ट की जाए और घायल बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जाए।

अब पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। मामले में घटनास्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य उपलब्ध प्रमाण जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल, मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच की वर्तमान स्थिति सामने आना बाकी है। आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करना आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।

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