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दिशा परियोजना से मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी जेईई-नीट की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग

दिशा परियोजना से मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी जेईई-नीट की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग

कोरबा, कक्षा दसवीं की वर्ष 2026 की परीक्षा में मेधा सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 150 विद्यार्थियों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एवं राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन की दिशा परियोजना के तहत संचालित निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी गई। कार्यालय कलेक्टर के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में चयनित विद्यार्थियों और उनके पालकों को आमंत्रित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम, विद्यार्थियों के आवास, शिक्षण व्यवस्था और आगे की पढ़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों को दिशा परियोजना की रूपरेखा और उद्देश्य से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्रशिक्षण में पढ़ाई की व्यवस्था, शिक्षकों के मार्गदर्शन, विद्यार्थियों के रहने तथा नियमित अध्ययन की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों और पालकों से कहा कि वे योजना से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझें और बच्चों की तैयारी में सक्रिय सहयोग करें।

कलेक्टर दुदावत ने विद्यार्थियों को जेईई, नीट और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया तथा इन परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए लक्ष्य स्पष्ट रखना, नियमित अध्ययन करना, समय का सही उपयोग करना और कठिन विषयों पर लगातार अभ्यास करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रगति पर ध्यान देने और हर दिन स्वयं से बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, धैर्य और अनुशासित दिनचर्या के साथ विद्यार्थी अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

कलेक्टर ने बताया कि कोरबा जिले में विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से भी राशि जारी की गई है। दिशा परियोजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों में जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है अथवा जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से हैं, उनके जेईई, नीट आदि परीक्षाओं में चयनित होने पर प्रशिक्षण और आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च जिला प्रशासन, कोरबा द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने पालकों को आश्वस्त किया कि पात्र विद्यार्थियों की पढ़ाई में आर्थिक बाधा न आए, इसके लिए जिला प्रशासन सहयोग करेगा। उन्होंने पालकों से बच्चों को प्रोत्साहित करने और उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण देने की अपील की।

बैठक में विद्यार्थियों को अपनी शंकाएं और जिज्ञासाएं रखने का अवसर दिया गया। विद्यार्थियों ने परीक्षा की तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या और आगे की शिक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे। कलेक्टर श्री दुदावत ने उनके प्रश्नों के सरल और विस्तारपूर्वक उत्तर दिए तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखने की सलाह दी। विद्यार्थियों और पालकों को योजना की व्यवस्थाओं की जानकारी मिलने से उन्हें आगे की तैयारी के लिए मार्गदर्शन और भरोसा मिला।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक, चयनित विद्यार्थी तथा उनके पालक उपस्थित थे।

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