खरसिया को मिली बड़ी न्यायिक सौगात! अब खरसिया के अपर सत्र न्यायालय में होगी विद्युत अधिनियम के मामलों की सुनवाई
अधिवक्ता संघ खरसिया के अध्यक्ष भोगीलाल यादव के प्रयासों को मिली सफलता, अपर सत्र न्यायालय खरसिया को मिला विद्युत अधिनियम-2003 के प्रकरणों की सुनवाई का अधिकार
रायगढ़ जाने की परेशानी से मिलेगी राहत, खरसिया और आसपास के पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुनवाई की सुविधा
साइंस वाणी न्यूज़ | खरसिया।
खरसिया क्षेत्र के लिए न्यायिक सुविधा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। विद्युत अधिनियम, 2003 से जुड़े मामलों की सुनवाई अब खरसिया के अपर सत्र न्यायालय में हो सकेगी। अधिवक्ता संघ खरसिया के अध्यक्ष भोगीलाल यादव के नेतृत्व में किए गए प्रयासों के बाद न्यायालय को यह अधिकार मिलने से क्षेत्र के अधिवक्ताओं और पक्षकारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिवक्ता संघ ने उठाई जनता की परेशानी, प्रयासों के बाद मिली बड़ी सुविधा
अब तक विद्युत अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई रायगढ़ स्थित विशेष न्यायालय में होती थी। इसके चलते खरसिया और आसपास के क्षेत्रों के पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए रायगढ़ जाना पड़ता था। बार-बार की यात्रा, समय की बर्बादी और अतिरिक्त खर्च के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
जनता की इसी समस्या को देखते हुए अधिवक्ता संघ खरसिया के अध्यक्ष भोगीलाल यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने इस मांग को प्रमुखता से उठाया। संघ की ओर से उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति को ज्ञापन सौंपकर विद्युत अधिनियम के मामलों की सुनवाई खरसिया में ही कराए जाने की मांग की गई थी।
उच्च न्यायालय के निर्णय से खरसिया को मिली नई न्यायिक सुविधा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन और उठाई गई मांग पर संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने खरसिया के अपर सत्र न्यायालय को विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रकरणों की सुनवाई का अधिकार प्रदान किया है।
इस निर्णय से खरसिया क्षेत्र में न्यायिक सुविधा का विस्तार हुआ है। अब संबंधित मामलों के पक्षकारों को सुनवाई के लिए रायगढ़ जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई होने से यात्रा में लगने वाला समय और खर्च भी कम होने की उम्मीद है।
जनता को राहत, अधिवक्ताओं को सहूलियत
इस नई व्यवस्था से खरसिया और आसपास के क्षेत्रों के उन लोगों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले विद्युत अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। स्थानीय न्यायालय में सुनवाई की सुविधा से पक्षकारों को अपने मामलों में उपस्थित होने और अधिवक्ताओं के माध्यम से पैरवी करने में सहूलियत होगी।
न्याय तक आम नागरिकों की पहुंच आसान बनाना न्यायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ऐसे में खरसिया के अपर सत्र न्यायालय को मिला यह अधिकार क्षेत्र के लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
भोगीलाल यादव के नेतृत्व में उठी मांग ने दिलाया मुद्दे को महत्व
अधिवक्ता संघ खरसिया के अध्यक्ष भोगीलाल यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने क्षेत्र की व्यावहारिक समस्या को उच्च न्यायालय के समक्ष रखा। विद्युत अधिनियम के मामलों की सुनवाई स्थानीय स्तर पर कराने की मांग इसी आवश्यकता से जुड़ी थी कि लोगों को अपने न्यायिक मामलों के लिए दूसरे शहर की यात्रा न करनी पड़े।
अब खरसिया के अपर सत्र न्यायालय को मिले सुनवाई के अधिकार से क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा उपलब्ध होने का रास्ता खुला है। यह पहल अधिवक्ता संघ द्वारा उठाए गए जनसुविधा के मुद्दे और क्षेत्र में न्यायिक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खरसिया के लिए राहत की खबर, न्यायिक सुविधा का हुआ विस्तार!
विद्युत अधिनियम-2003 के मामलों की सुनवाई का अधिकार मिलने से खरसिया और आसपास के क्षेत्र के पक्षकारों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय न्यायालय की भूमिका बढ़ेगी और लोगों को सुनवाई के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
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