पत्थलगांव में एसबीआई लाइफ के नाम पर आदिवासी महिला से लाखों की ठगी का आरोपशिकायत के बाद घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप, एसडीओपी से लगाई सुरक्षा की गुहार
08 अक्टूबर 2026
संवाददाता : संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, जशपुर
जशपुर/पत्थलगांव। पत्थलगांव में बीमा पॉलिसी बंद कराने के नाम पर एक आदिवासी महिला से लाखों रुपये की कथित हेराफेरी और शिकायत के बाद घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम सूंडरू निवासी 49 वर्षीय निर्मला मिंज ने मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पॉलिसी बंद कराने पहुंची थी महिला
शिकायत के अनुसार, आर्थिक जरूरत के चलते निर्मला मिंज 10 अगस्त 2026 को पत्थलगांव स्थित एसबीआई लाइफ शाखा में अपनी पुरानी बीमा पॉलिसी बंद कराकर रकम निकालने पहुंची थीं। वहां उनकी मुलाकात दयाराम यादव नामक व्यक्ति से हुई, जिसने स्वयं को शाखा प्रबंधक बताया। महिला का आरोप है कि पॉलिसी बंद कराने की प्रक्रिया के नाम पर उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो हस्ताक्षरित चेक लिए गए।
पीड़िता के मुताबिक, 12 अगस्त को उनकी जानकारी और सहमति के बिना एक चेक से 2 लाख रुपये नरेंद्र बेहेरा के नाम ट्रांसफर किए गए। बाद में मोबाइल पर आए संदेशों से उन्हें अपने नाम पर करीब 1.52 लाख रुपये की नई पॉलिसी बनाए जाने की जानकारी मिली। महिला ने इसका विरोध किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद नरेंद्र बेहेरा की ओर से केवल 50 हजार रुपये वापस किए गए, जबकि शेष रकम वापस नहीं की गई।
दूसरे चेक से भी रकम निकालने का आरोप
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 27 सितंबर को जब उन्होंने अपने खाते से 50 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया, तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण लेन-देन नहीं हो सका। इसके बाद बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर उन्हें कथित रूप से पता चला कि 17 अगस्त को उनके दूसरे चेक के माध्यम से 1,03,180 रुपये 'परेश्वर यादव' नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
महिला का कहना है कि उन्हें इस लेन-देन की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं, 15 सितंबर को पॉलिसी रद्द कराने के लिए शाखा कार्यालय पहुंचने पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
थाने में शिकायत के बाद घर पहुंचने का आरोप
लगातार आर्थिक नुकसान और कथित धोखाधड़ी से परेशान होकर निर्मला मिंज ने 30 सितंबर 2026 को पत्थलगांव थाने में लिखित शिकायत देकर दयाराम यादव और नरेंद्र बेहेरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके अगले दिन 1 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे नरेंद्र बेहेरा तीन अज्ञात लोगों के साथ स्कॉर्पियो वाहन से ग्राम सूंडरू स्थित उनके घर पहुंचा। आरोप है कि सभी लोग घर में जबरन घुसे, गाली-गलौज की और निर्मला मिंज तथा उनके पति विजय मिंज को जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद परिवार में भय का माहौल है।
एसडीओपी से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने 2 अक्टूबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी), पत्थलगांव के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर पूरे मामले की जांच, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ बीमा पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी की गई और शिकायत करने के बाद उसे तथा उसके पति को धमकाया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम और कथित लेन-देन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।