महतारी वंदन योजना बनी बिरहोर महिलाओं का सहारा, राशन और खान-पान में हो रहा राशि का उपयोग
08 अक्टूबर 2026
संवाददाता : संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, रायगढ़
रायगढ़, 8 अक्टूबर 2026। शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए लगातार सहारा बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि से महिलाओं को अपने परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है। धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम बीरसिंघा की बिरहोर समुदाय की महिला कमला बाई के परिवार के लिए भी यह राशि घरेलू जरूरतों का महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई है।
राशन और खान-पान में खर्च हो रही राशि
कमला बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग परिवार के राशन और खान-पान की जरूरतों को पूरा करने में किया जाता है। सीमित आय वाले परिवार में हर महीने मिलने वाली यह सहायता दाल, आलू, साग-सब्जी सहित अन्य जरूरी खाद्य सामग्री खरीदने में मदद करती है।
कमला बाई स्थानीय बोली में बताती हैं, “महतारी वंदन से जो पैसा मिलथे, वोकर से दाल, आलू अउ घर बर जरूरी साग-सब्जी खरीदथन। घर के सब झन मिल-जुल के खाथन। पैसा घर के खान-पान अउ राशन म ही खर्च हो जाथे।”
उनके अनुसार योजना से मिलने वाली राशि किसी बड़े खर्च के लिए नहीं, बल्कि परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोग हो जाती है। इससे महीनेभर के घरेलू खर्च को संभालने में कुछ राहत मिलती है।
सीमित आय वाले परिवारों के लिए नियमित सहायता
बिरहोर समुदाय के परिवारों में आय के सीमित साधनों के बीच नियमित आर्थिक सहायता घरेलू जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से जिले की बिरहोर समुदाय की अनेक महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
कमला बाई का कहना है कि हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से परिवार के लिए जरूरी खाद्य सामग्री खरीदने में सहूलियत होती है। उनके लिए यह राशि घर के चूल्हे-चौके को चलाने में मददगार साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
कमला बाई ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिल रही आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से मिलने वाली राशि से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कमला बाई जैसी महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहायता परिवार की बुनियादी जरूरतों, विशेषकर भोजन और राशन की व्यवस्था में प्रत्यक्ष रूप से उपयोगी साबित हो रही है।