पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की अनिश्चितकालीन हड़ताल, PV App के कार्यों का बहिष्कार सहित कई मांगों को लेकर बुलंद की आवाज
15 अक्टूबर 2026
संवाददाता: अशोक जायसवाल
साइंस वाणी न्यूज़ सक्ती
सक्ती। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुएअनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। पटवारी संघ द्वारा जारी मांगों में PV App के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों का बहिष्कार, अनावश्यक ऐप आधारित कार्यप्रणाली पर रोक, वेतन विसंगति दूर करने तथा पटवारियों के विरुद्ध की जा रही निलंबन एवं स्थानांतरण की कार्रवाई को निःशर्त वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। इस आंदोलन के माध्यम से पटवारी संघ ने शासन-प्रशासन से अपनी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है।PV App के कार्यों का बहिष्कार, अनावश्यक कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ का कहना है कि पटवारियों पर अनावश्यक ऐप आधारित कार्यों का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। संघ ने PV App में किए जाने वाले कार्यों के बहिष्कार का आह्वान करते हुए इस व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग उठाई है। पटवारी संघ का मानना है कि विभागीय कार्यों को लेकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान आवश्यक है, ताकि मैदानी स्तर पर राजस्व संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुचारु रूप से किया जा सके।निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई वापस लेने की मांगसंघ ने पटवारियों के विरुद्ध की जा रही कथित दमनकारी निलंबन एवं स्थानांतरण की कार्रवाई को निःशर्त वापस लेने की मांग की है। साथ ही, पटवारियों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद करने की अपील करते हुए अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया है।वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग पटवारी संघ ने वेतन विसंगति दूर करने के साथ राजस्व निरीक्षक पद पर विभागीय पदोन्नति दिए जाने की मांग भी उठाई है। संघ का नारा है— “सम्मानजनक कार्य,सम्मानजनक वेतन”। पटवारियों का कहना है कि उनके कार्य, अनुभव और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतन एवं पदोन्नति संबंधी समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिए।एकता और किसान हित को बताया सर्वोपरि राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़, जिला शाखा सक्ती ने संगठन की एकता और सेवा-समर्पण का संदेश देते हुए कहा है कि पटवारी एकता ही उनकी ताकत है। संघ ने किसान हित को सर्वोपरि बताते हुए राजस्व व्यवस्था में पटवारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन पटवारी संघ की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है। हड़ताल के संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होने पर राजस्व कार्यों पर इसके संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।