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सिरपुर बौद्ध धरोहर विनाश रोको संयुक्त संघर्ष समिति का हुआ गठन

सिरपुर बौद्ध धरोहर विनाश रोको संयुक्त संघर्ष समिति का हुआ गठन

साइंस वाणी न्यूज ( सारंगढ़- बिलाईगढ़):-सिरपुर की बौद्ध धरोहरों के संरक्षण के लिए बना सर्व साझा संयुक्त संघर्ष मंच

 राज्यपाल से मुलाकात के बाद सिरपुर में होगी बड़ी जनसभा, शासन-प्रशासन को सौंपा जाएगा सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन।
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक धरोहर सिरपुर में बौद्ध विरासत और प्राचीन अवशेषों के संरक्षण को लेकर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोकतांत्रिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा जागरूक नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक 1 नवंबर 2026 को रायपुर में आयोजित हुई। बैठक में लगभग 15 लोगों ने भाग लिया।

बैठक में सिरपुर की बौद्ध धरोहरों, प्राचीन स्मारकों, शिलालेखों एवं पुरातात्त्विक अवशेषों के संरक्षण का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया।

 सिरपुर की धरोहरों के साथ विकृति के प्रमाण

हाल में प्रकाशित समाचारों एवं उपलब्ध तस्वीरों में सिरपुर के कुछ पुरातात्त्विक अवशेषों और शिलालेखों पर सफेद रंग तथा सीमेंट जैसी सामग्री लगाए जाने के दृश्य सामने आए हैं।

 संदर्भित तस्वीरों में प्रमुख रूप से तीन प्रकार की स्थिति दिखाई गई है—

 प्राचीन शिलालेखों पर सफेद रंग लगाया जाना।

 ऐतिहासिक शिलालेखों पर सीमेंट जैसी सामग्री का लेप दिखाई देना।

 सामग्री लगाए जाने के कारण शिलालेखों की मूल लिखावट एवं आकृतियों का स्पष्ट दिखाई न देना।

इन तस्वीरों और समाचारों को लेकर बैठक में गंभीर चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए शासन-प्रशासन से ठोस पहल की मांग करने पर सहमति व्यक्त की।

 ‘सिरपुर बडवर्स (SBDVRSSS)’ का गठन एवं उद्देश्य

बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के बाद निम्नलिखित नाम से एक संयुक्त संघर्ष मंच बनाने की पहल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया—

 पूरा नाम:
सिरपुर बौद्ध धरोहर विनाश रोको संयुक्त संघर्ष समिति।

 लोकप्रिय संक्षिप्त नाम:
सिरपुर बडवर्स।

अंग्रेजी संक्षिप्त रूप:
SBDVRSSS

यह मंच किसी एक संस्था, संगठन, राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति का निजी मंच नहीं होगा। यह सिरपुर की बौद्ध एवं पुरातात्त्विक धरोहरों को बचाने के साझा उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक संगठनों तथा जागरूक नागरिकों का सर्वसाझा संयुक्त संघर्ष मंच होगा।

गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की पहल से इस साझा मंच को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें सभी संबंधित संगठनों एवं जागरूक नागरिकों की सहभागिता का स्वागत रहेगा।

 आपसी संवाद एवं सामूहिक निर्णय की पहल

बैठक के बाद आपसी संवाद, विचार-विमर्श और आगामी कार्यक्रमों की योजना बनाने के लिए ‘सिरपुर बडवर्स’ नाम से एक व्हाट्सएप समूह बनाया गया है।

इस समूह के माध्यम से सभी सहभागी आपस में चर्चा करेंगे और सामूहिक सहमति से आगे की रणनीति, कार्यक्रम एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।

 आगामी आंदोलन की प्रमुख कार्ययोजना

बैठक में आगामी दिनों के लिए निम्नलिखित कार्यक्रमों पर सहमति बनी—

 1. राज्यपाल से मुलाकात

सबसे पहले छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से प्रतिनिधिमंडल के रूप में मुलाकात कर सिरपुर की बौद्ध एवं पुरातात्त्विक धरोहरों के संरक्षण, कथित क्षति की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारी निर्धारित करने की मांग रखी जाएगी।

 2. सिरपुर में बड़ी जनसभा

इसके बाद सिरपुर में विभिन्न संगठनों, सामाजिक प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी के साथ एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

 3. सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन

जनसभा के माध्यम से शासन एवं प्रशासन को सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी जाएंगी—

▪️ सिरपुर की बौद्ध एवं पुरातात्त्विक धरोहरों का संरक्षण।

▪️ शिलालेखों एवं ऐतिहासिक अवशेषों के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की निष्पक्ष जांच।

▪️ पुरातात्त्विक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था।

▪️ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम।

 हमारा संकल्प

सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं बौद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसका संरक्षण किसी एक संगठन या समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।

सिरपुर बडवर्स (SBDVRSSS) का संकल्प है कि सिरपुर की धरोहरों को बचाने के लिए सभी संबंधित संगठनों और नागरिकों को एकजुट कर शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संयुक्त संघर्ष आगे बढ़ाया जाएगा।

 सभी से सहभागिता की अपील

सिरपुर की ऐतिहासिक एवं बौद्ध धरोहरों के संरक्षण के इस साझा अभियान में सभी सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, इतिहास एवं पुरातत्त्व प्रेमियों तथा जागरूक नागरिकों से सहभागी बनने की अपील की जाती है।

 सिरपुर की धरोहर बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

 आइए, एकजुट हों—सिरपुर बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष करें!

सिरपुर की धरोहर — हमारी ऐतिहासिक पहचान, हमारी साझा विरासत।
 
संवाददाता नरेन्द्र कुर्रे,वीरेन्द्र कुमार (सारंगढ़ बिलाईगढ़) साइंस वाणी न्यूज.

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