आज का संदेश
05 नवंबर 2026
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आज संदेश सुनो नर - नारी।
नशे से दुरी रखो प्यारी।
जो जन बच्चो से कर्ता प्यार।
नशे से रखता सदा किनार।
दारु छुटे कलह मिटे।
घर मे खुशियों के दिप जले।
बच्चो को मिले प्यार - संस्कार।
नशा मुक्त हो अपना परिवार।
छोडो नशा बचाओ जीवन।
यही हमारा जीवन का संकल्प।
तन भी बचे मन भी बचे।
घर परिवार में सुख सजे।
छोडो नशा बचाओ जीवन।
नशा मुक्त बने समाज।
बच्चो के आखो में सपने है।
उन सपनों के हम अपने है।
उनका भविष्य मत बर्बाद करो।
नशे से खुद को आजाद करो।
दारु छुटे कलह मिटे।
बीड़ी सिगरेट दुर हटे।
स्वास्थ्य तन और निर्मल मन।
यही बने अपना जीवन धन।
आओ मिलकर शपथ उठाऐ।
नशा मुक्त समाज बनाऐ।
न खुद नशा करेगें हम।
न करने देंगे अपने जन।
छोडो नशा बचाओ जीवन।
बचाओ अपना घर परिवार ।
बच्चो को दो प्यार संस्कार।
नशा मुक्त हो देश हमारा ।
यही हो अपना रोज का नारा ।
शराब पिये तो तन है टुटे ।
धीरे-धीरे स्वास्थ्य भी छुटे।
यकृत ह्रदय पर पड़े भार।
छिन जाऐ बल बुद्धि अपार।
धुआं उठे जब बिडी सिगरेट।
जबडा फेफडो पर पडता संकट।
सांसो को भी देता नुकसान।
बीमारी बढायें दिन रात ।
सोचो भाई सोचो बहना।
नशे में क्या है अपना कहना।
आज बचाऐ अपना जीवन।
कल मुस्काऐ अपना आंगन।
नशे की खातिर धन जाऐ।
घर का बजट बिगड़ता जाऐ।
बच्चो की पढ़ाई रुक जाऐ।
माँ बाप का दिल रोता जाऐ।
नशे से घर में झगडे होते।
रिस्ते धीरे-धीरे टुटते जाते।
जिस घर में कलह का वास ।
वहा बच्चो का कैसा विकास।
बच्चो को मोबाइल ही नहीं ।
माँ बाप का समय भी दो।
उनको नशे की आदत नही।
प्यार और संस्कार भी दो।
जय 🙏 बेडो देव 🌞 बन्धुओं
आप सभी सागा बंधु ओ से आशा करते है कि इस स्वरचित लेख को हमारे समाज के लोग जो इस ग्रुप में शामिल नहीं है उन्हें भी सेन्ड कर देंगे ।शायद ये पढ़ कर किसी न किसी का मन परिवर्तन हो जाय।और घर टुटने से बच जाय।
भोगसिह माझी
कौहाकुन्डा पहाड़ मंदिर रायगढ़।