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राॅ एवं आईबी के प्रभारी अधिकारी को सेवावृद्धि

राॅ एवं आईबी के प्रभारी अधिकारी को सेवावृद्धि

 राॅ एवं आईबी के प्रभारी अधिकारी को सेवावृद्धि


अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 



नई दिल्ली - सीबीआई के नये डायरेक्टर के रूप में सुबोध कुमार जायसवाल को चुनने के बाद केंद्र सरकार ने अनुसंधान और विश्लेषण विंग (रा) और खुफिया विभाग (आईबी) के दो अहम पदों की नियुक्ति पर भी फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इसमें दोनों ही पदों पर मौजूद अधिकारियों की सेवा में वर्तमान कार्यकाल से एक वर्ष की अवधि के लिये विस्तार को मंजूरी दी है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दो प्रमुख पदों पर आसीन दोनो आईपीएस अधिकारियों की सेवा को संबंधित कानून के अनुसार विस्तार दिया गया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक सामंत कुमार गोयल जो कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) में सचिव के पद पर हैं और अरविंद कुमार जो कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में डायरेक्टर के पद पर हैं , इन दोनों का ही कार्यकाल एक-एक साल बढ़ा दिया गया है। पिछली बार आईबी प्रमुख राजीव जैन का छह माह का कार्यकाल बढ़ाया गया था। उन्हीं के साथ रॉ चीफ अनिल धस्माना को भी छह माह का सेवा विस्तार दिया गया था। सामंत कुमार गोयल 1984 बैच के पंजाब काडर के आईपीएस अधिकारी हैं। अरविंद कुमार भी इसी बैच के आसाम-मेघालय कैडर के अफसर हैं। दोनों अधिकारी अब 30 जून 2022 को सेवानिवृत्त होंगे , जो इसी साल 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले थे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक दोनों अधिकारियों के कामकाज और एजेंसियों के भविष्य को देखते हुये कार्यकाल में इजाफा करने का फैसला लिया गया है। एक ओर जहां सामंत कुमार गोयल को हार्ड कोर ऑपरेशंस को निपटाने वाले व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है। वहीं अरविंद कुमार को आंतरिक मामलों का गहरा अनुभव है। दोनों अधिकारी पीएम नरेंद्र मोदी , गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को रिपोर्ट करते हैं। रॉ की गतिविधियों के बारे में सरकार की ओर से आमतौर पर जानकारी नहीं दी जाती है। वहीं आईबी के पास आंतरिक मामलों पर निगरानी रखने और सरकार को खुफिया सूचनाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। राजनीतिक आंदोलन , माओवादी गतिविधियों और अन्य आतंकी नेटवर्क्स आदि के बारे में आईबी जानकारी जुटाती है। आतंरिक सुरक्षा के लिये मुस्तैद रहने वाली एजेंसी आईबी को बेहद अहम माना जाता है। गोयल को 26 जून 2019 को अनिल धस्माना की जगह रॉ के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 1990 के दशक में पंजाब में चरमपंथी संकट से निपटने में अहम भूमिका निभायी थी। गोयल ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद फरवरी 2019 बालाकोट हवाई हमलों की योजना बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी , जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे। उरी आतंकी हमले के बाद 2016 में सशस्त्र बलों द्वारा किये गये सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। गोयल दुबई और लंदन में कांसुलर मामलों के प्रभारी के रूप में भी तैनात थे। वहीं कुमार जिन्हें कश्मीर का विशेषज्ञ माना जाता है, को 26 जून, 2019 को आईबी निदेशक के रूप में भी नियुक्त किया गया था। वह आईबी में रहते हुए वामपंथी नक्सल से निपटने में शामिल रहे हैं। आसाम-मेघालय कैडर के आईपीएस, कुमार ने इससे पहले बिहार में आईबी का नेतृत्व किया है।

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