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सुबरा में बही भक्ति की गंगा : वृंदावन वाले आयुष कृष्णा जी महाराज की रामकथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबरामायण महोत्सव 2026 में देर रात तक गूंजते रहे भजन, कथा और जय श्रीराम के जयकारे

सुबरा में बही भक्ति की गंगा : वृंदावन वाले आयुष कृष्णा जी महाराज की रामकथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबरामायण महोत्सव 2026 में देर रात तक गूंजते रहे भजन, कथा और जय श्रीराम के जयकारे


संवाददाता – संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा/रायगढ़

लैलूंगा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सुबरा, पोस्ट पिपराही में आयोजित रामायण महोत्सव 2026 इस वर्ष श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत केंद्र बन गया। विगत वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी ग्रामवासियों द्वारा भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, रामभक्त और धर्मप्रेमी शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वृंदावन से पधारे कथा वाचक आयुष कृष्णा जी महाराज रहे, जिन्होंने अपनी मधुर वाणी और भावपूर्ण रामकथा से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनकी कथा वाचन शैली ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठता रहा।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो गांव में भक्ति की गंगा बह रही हो। महाराज श्री ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, धर्म और मानवता के संदेश को अत्यंत सरल एवं प्रेरणादायक शैली में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु देर रात तक कथा स्थल पर डटे रहे।
पूरे गांव को आकर्षक रोशनी, धार्मिक ध्वज और सजावट से सजाया गया था। मंदिर परिसर एवं कार्यक्रम स्थल में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। रामायण मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तन और चौपाइयों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
रामकथा के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के प्रसंगों का वर्णन सुन श्रद्धालु भावुक हो उठे। कई श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भजन गाते और जयकारे लगाते दिखाई दिए। धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज में नैतिकता, संस्कार और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
ग्राम पंचायत सुबरा के समस्त ग्रामवासियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और प्रसाद वितरण की बेहतर व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों की मेहनत और सहयोग के कारण पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। रामायण महोत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बन चुका है।
ग्राम सुबरा में आयोजित यह भव्य रामायण महोत्सव अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वृंदावन वाले आयुष कृष्णा जी महाराज की रामकथा और श्रद्धालुओं की अपार आस्था ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
🙏 जय श्रीराम 🙏


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