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सरसींवा थाना क्षेत्र के चारो दिशा मे जुवा का जाल, जुवारी गैंग सक्रिय

सरसींवा थाना क्षेत्र के चारो दिशा मे जुवा का जाल, जुवारी गैंग सक्रिय


 सरसींवा थाना के चारो दिशा मे जुवा का जाल, जुवारी गैंग सक्रिय!


गांव-गांव तक फैल रहा जुआ नेटवर्क, युवाओं का भविष्य खतरे में!


अमलीडीह बना कथित जुआ हब, हर दिन लाखों के दांव की चर्चा!


सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़) :- सरसींवा थाना क्षेत्र इन दिनों कथित रूप से बढ़ते अवैध जुआ कारोबार को लेकर गंभीर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में खुलेआम लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की लगातार सूचनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक ऐसी कोई बड़ी और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आई जिससे इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगती दिखाई दे। हालात यह हैं कि गांवों से लेकर बाजार तक अब लोग खुले तौर पर यह सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर इतने बड़े स्तर पर संचालित हो रहे जुआ नेटवर्क पर पूर्ण नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरसींवा से सरायपाली मार्ग पर लगभग 7-8 किलोमीटर दूर स्थित अमलीडीह गांव लंबे समय से कथित रूप से बड़े जुआ अड्डे के रूप में चर्चाओं में बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि यहां प्रतिदिन 40 से 50 सक्रिय जुवारी पहुंचते हैं और देर रात तक लाखों रुपये का खेल चलता है। चर्चाओं के अनुसार एक दिन में 10 लाख रुपये से अधिक तक का दांव लगाए जाने की बातें कही जा रही हैं। सबसे गंभीर बात यह मानी जा रही है कि समय-समय पर कार्रवाई और कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद यह कथित कारोबार लगातार जारी है और पूरी तरह बंद होने का नाम नहीं ले रहा।

क्षेत्रवासियों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि यदि कार्रवाई वास्तव में प्रभावी होती तो वर्षों से लगातार चल रही ऐसी गतिविधियां दोबारा उसी स्तर पर सक्रिय नहीं हो पातीं। लोगों का कहना है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि जुआ संचालन से जुड़े बड़े चेहरे और पूरा नेटवर्क अब भी सक्रिय दिखाई देता है। यही कारण है कि जुवारी तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता गहराने लगी है। सिर्फ अमलीडीह ही नहीं बल्कि बालोदी क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर जुआ संचालन की चर्चाएं आम हो चुकी हैं। वहीं पिपरदूला और धनगांव में भी धीरे-धीरे जुआ गतिविधियों के सक्रिय होने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि इन मामलों में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार मिल रही सूचनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध नेटवर्क आने वाले समय में और अधिक फैल सकता है।

ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में जुआ, अवैध शराब बिक्री और कथित नकली एवं जहरीली शराब जैसे अवैध कारोबार तेजी से सामाजिक वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जब किसी क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां लगातार बढ़ती हैं तो उसके साथ चोरी, मारपीट, पारिवारिक विवाद, आर्थिक बर्बादी और अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि होना स्वाभाविक माना जाता है। कई लोगों ने चिंता जताई है कि युवा वर्ग भी तेजी से इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हो रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत माना जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर यदि कथित रूप से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में लाखों रुपये का जुआ संचालित हो रहा है, तो क्या जिम्मेदार विभागों तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच रही, या फिर सब कुछ जानकर भी अनदेखी की जा रही है। क्षेत्र में लगातार उठ रहे सवाल अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी चर्चा खड़ी कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि जुआ संचालन से जुड़े पूरे नेटवर्क, इसके कथित संरक्षण और आर्थिक गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कायम रह सके और युवाओं को अवैध गतिविधियों से बचाया जा सके।

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