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मदनपुर कांग्रेस कार्यालय में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब… झीरम घाटी के अमर शहीद नंदकुमार पटेल और दिनेश पटेल को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि, विधायक उमेश पटेल की भावुक बातों ने हर दिल को छू लिया

मदनपुर कांग्रेस कार्यालय में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब… झीरम घाटी के अमर शहीद नंदकुमार पटेल और दिनेश पटेल को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि, विधायक उमेश पटेल की भावुक बातों ने हर दिल को छू लिया





खरसिया। मदनपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय सोमवार को पूरी तरह श्रद्धा, भावनाओं और संकल्प के रंग में डूबा नजर आया। झीरम घाटी हमले में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के जननायक स्वर्गीय नंदकुमार पटेल एवं उनके सुपुत्र स्वर्गीय दिनेश पटेल के शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का माहौल इतना भावुक था कि हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं।



सभा की शुरुआत शहीदों के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। पूरा मदनपुर कांग्रेस कार्यालय “नंदकुमार पटेल अमर रहें”, “दिनेश पटेल अमर रहें” और “झीरम घाटी के शहीदों को नमन” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शहीदों के संघर्ष, त्याग और जनसेवा को याद करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीति का प्रेरणास्रोत बताया।




इस अवसर पर विधायक उमेश नंद कुमार पटेल  बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा 

मेरे पिता स्वर्गीय नंदकुमार पटेल ने पूरी जिंदगी जनता की सेवा में समर्पित कर दी। गरीब, किसान, मजदूर और आदिवासी समाज की आवाज बनकर उन्होंने हर लड़ाई लड़ी। मेरे भाई दिनेश पटेल भी उसी जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे। झीरम घाटी की वह दर्दनाक घटना केवल हमारे परिवार का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का दर्द है। आज भी जब उस दिन को याद करते हैं तो दिल भर आता है, लेकिन उनके विचार और संघर्ष हमें हमेशा जनता के लिए काम करने की प्रेरणा देते रहेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि शहीद नंदकुमार पटेल और दिनेश पटेल का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा और कांग्रेस परिवार हमेशा उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए जनता के बीच कार्य करता रहेगा।

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि 25 मई 2013 का झीरम घाटी हमला लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था, लेकिन शहीदों की आवाज को कभी दबाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर झीरम घाटी के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

मदनपुर कांग्रेस कार्यालय में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम में श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने हर उपस्थित व्यक्ति के दिल को छू लिया।

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