रीवा पुलिस की बड़ी चेतावनी: सोशल मीडिया पर जातिगत टिप्पणी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
30 मई 2026
*व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम पर फैलाए जा रहे सामाजिक वैमनस्य पर पुलिस की पैनी नजर, जनहित में जारी की एडवाइजरी*
श्री निवास मिश्रा
रीवा। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच समाज में सौहार्द और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से रीवा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण जनहित एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ लोग व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर जाति विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं तथा समाज में वैमनस्य और दुर्भावना फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली कई भ्रामक, अपुष्ट और भड़काऊ जानकारियां समाज में तनाव उत्पन्न करने का कारण बनती हैं। ऐसे संदेश, पोस्ट और वीडियो न केवल लोगों को गुमराह करते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती खड़ी कर सकते हैं। इसलिए नागरिकों को जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है।
*जातिगत टिप्पणियां समाज और कानून दोनों के खिलाफ*
रीवा पुलिस ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करना या सामाजिक दुर्भावना को बढ़ावा देना भारतीय कानून और सामाजिक मूल्यों दोनों के विरुद्ध है। सोशल मीडिया पर की गई कोई भी पोस्ट, टिप्पणी, फोटो, वीडियो या संदेश यदि समाज में वैमनस्य फैलाने वाला पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया सूचना का एक शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग कर समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
*आमजन के लिए पुलिस की पांच महत्वपूर्ण अपीलें*
रीवा पुलिस ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है—
1. भ्रामक और उकसाऊ जानकारी से दूर रहें
सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर जानकारी सत्य नहीं होती। किसी भी पोस्ट या संदेश को सही मानने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
2. सोशल मीडिया पर पुलिस की सतत निगरानी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
3. वैमनस्य फैलाने वाले संदेशों को न बढ़ाएं
यदि किसी समूह, जाति या समुदाय के विरुद्ध भड़काऊ पोस्ट या संदेश प्राप्त होता है तो उसे तुरंत डिलीट करें और आगे साझा करने से बचें।
4. पुराने वीडियो और सनसनीखेज दावों से सावधान रहें
अक्सर पुराने वीडियो, संपादित तस्वीरें और झूठे दावे नए घटनाक्रम के रूप में वायरल किए जाते हैं। ऐसे मामलों में बिना सत्यापन के किसी भी सामग्री पर विश्वास न करें।
5. फर्जी खबरों के प्रसार को रोकें
फेक न्यूज समाज में भय, गुस्सा और भ्रम पैदा कर सकती है। इसलिए किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसके स्रोत और तथ्य अवश्य जांचें।
*सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई*
एडवाइजरी में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से जातिगत विद्वेष, सामाजिक वैमनस्य या अशांति फैलाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
*डिजिटल युग में नागरिकों की जिम्मेदारी भी जरूरी*
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती सक्रियता के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। एक गलत पोस्ट या भ्रामक संदेश हजारों लोगों तक पहुंचकर सामाजिक तनाव पैदा कर सकता है। ऐसे में जागरूकता और संयम ही सबसे बड़ा उपाय है।
*शांति और भाईचारे की अपील*
रीवा पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना को मजबूत करें तथा किसी भी अफवाह, भड़काऊ संदेश या जातिगत टिप्पणी का हिस्सा न बनें। यदि किसी व्यक्ति को ऐसी कोई संदिग्ध पोस्ट या गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस का संदेश स्पष्ट है—"सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।"