ग्रीष्मकालीन शिविर के शैक्षणिक भ्रमण में बच्चों ने सीखे जीवन के व्यवहारिक पाठ, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का महत्व
10 जून 2026
अस्पताल से बैंक और खोपा धाम तक पहुंचा विद्यार्थियों का ज्ञान सफर
बरौल। पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बतरा में आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर सुश्री रैना जमील के संरक्षण तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण का नेतृत्व विद्यालय के प्राचार्य श्री गोवर्धन सिंह ने किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ वास्तविक जीवन की व्यवस्थाओं और सामाजिक तंत्र से परिचित कराना था।
अस्पताल में समझी स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अवलोकन किया। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उन्हें मरीजों के पंजीयन, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा आपातकालीन सुविधाओं की जानकारी दी। इससे बच्चों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी और कई विद्यार्थियों ने चिकित्सकीय क्षेत्र में रुचि दिखाई।
बैंक और डाकघर में मिली आर्थिक साक्षरता की सीख
विद्यार्थियों ने बैंक पहुंचकर बचत खाते, जमा-निकासी, एटीएम, डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया को समझा। वहीं डाकघर में स्पीड पोस्ट, बचत योजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं की उपयोगिता की जानकारी दी गई। इस भ्रमण ने बच्चों को वित्तीय अनुशासन और बचत के महत्व से अवगत कराया।
सहकारी समिति में जानी किसानों की ताकत
शैक्षणिक यात्रा के दौरान सहकारी समिति का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, ऋण प्रक्रिया तथा कृषि योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इससे उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर मिला।
गोठान और रीपा केंद्र में देखा आत्मनिर्भरता का मॉडल
विद्यार्थियों ने गोठान एवं रीपा केंद्र में महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों का अवलोकन किया। स्थानीय संसाधनों से रोजगार सृजन और ग्रामीण आजीविका के विभिन्न मॉडलों को देखकर बच्चों ने आत्मनिर्भरता का महत्व समझा।
खोपा धाम में संस्कृति और आस्था से हुआ साक्षात्कार
भ्रमण का सबसे आकर्षक पड़ाव क्षेत्र का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खोपा धाम रहा। यहां विद्यार्थियों ने स्थानीय धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त की। इससे उनमें अपनी परंपराओं और धरोहर के प्रति सम्मान की भावना विकसित हुई।
उत्साह और जिज्ञासा से भरा रहा पूरा सफर
पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में सीखने की गजब की ललक देखने को मिली। उन्होंने विशेषज्ञों से सवाल पूछे और प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अनुभव ने उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और निर्णय लेने की समझ को और मजबूत किया।
शिक्षकों और पालकों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री के. मिनी प्रसन्ना, श्रीमती अंजना जायसवाल, श्री ठाकुर राजवाड़े, श्री अरुण कुमार राजवाड़े, श्री राम प्रकाश राजवाड़े एवं श्री रविशंकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति, जनप्रतिनिधियों तथा पालकों के सहयोग से यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया।
'बेहतर नागरिक निर्माण की दिशा में सार्थक पहल'
विद्यालय परिवार ने बताया कि पीएमश्री विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम बेहतर करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, जिम्मेदार और आत्मविश्वासी नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा सकें। विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण सिर्फ एक शैक्षणिक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन को करीब से समझने और भविष्य को नई दिशा देने वाला अविस्मरणीय अनुभव साबित हुआ।