बेटा बेटी मे अंतर पार्ट 1-चुन्नू राम बंजारे
21 अगस्त 2026
कौन कहता है कि ❓
बेटा बेटी मे अंतर नहीं होता
बेटी पराया होती है
जो मायके मे रह नहीं पाती
विवाह के बाद बेटी को ससुराल जाना पड़ता है
पति के साथ रहकर ही,
पति के घर को सजाना पड़ता है।
क्योंकि पति का स्थान ही अपना हो जाता है
मायके मे ज़ब आये
मेहमान का रिश्ता निभाना पड़ता है।
कौन कहता है कि ❓
बेटा बेटी मे अंतर नहीं होता
बेटा बेटी मे अंतर बहुत होता है
क्योंकि बेटी पराये घर को रोशन करती है
और एक बेटा अपने घर का
दीपक होता है।
मायके मे अंधेरा हो दुःख का तो
एक बेटी ससुराल से आ नहीं पाती
निस्वार्थ भावना एक बेटी के मन मे नहीं हो पाती
आज तो नियम बना है
बेटी का अधिकार
माँ बाप के धन मे होता है।
माँ बाप बेटी को पूरा धन, घर, जमीन देते तब भी
पति के घर को छोड़कर मायके हमेशा के लिए रहने नहीं आती।
ऐसा जरूर होता है कि बेटी
मायके से मिले जमीन, घर, धन को बेचकर ले जाती है
जिसका बेटा नहीं होता उसके घर मे अंधकार है।
कौन कहता है कि ❓
बेटा बेटी मे अंतर नहीं होता
यह समाज का नियम है कि
बेटी का घर,
पति के घर व दिल मे होता
लेकिन आज ऐसी बेटी भी है जो मायके से रिश्ते को तोड़ देती
घर मे जमीन, मकान, धन के स्वार्थ के लिए मायके को याद करती
अंधेरा हो मायके मे तो दिया जलाने नहीं आती।
कौन कहता है कि ❓
बेटा बेटी मे अंतर नहीं होता।
चुन्नू राम बंजारे