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*🌳हरेली तिहार🌳

*🌳हरेली तिहार🌳

आज हरेली तिहार हावय, सब्बो मया बढ़ालव।
नांगर गैती राॅंपा धोके, पूजा फूल चढ़ालव।
जुर मिल रोटी पीठा खाके, चढ़लव जम्मों गेड़ी,
हमर रइज के माटी चंदन, येला माथ लगालव।

*टरेन डराइभर-संतोष मिरी 'हेम'*
      *कोरबा ( छत्तीसगढ़ )*
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*हरेली*

गुनगुन-गुनगुन भौंरा गावय,
मस्त मजा के गीत सुनावय,
संग हरेली लाय हे, मया अबड बगराय हे

लहर-लहर लहरावय धान,
सरसर-सरसर गावय पान,
संग हरेली आय हे, धनहा डोली लाय हे।

चारों मुड़ा हरियर हावँय,
गैती, रांपा, नाॅंगर थिरावँय,
संग हरेली आय हे, सबला करमा नचवाय हे।

गेड़ी चढ़के दउड़ लगावँव,
चीला, बोबरा, सोहारी खावँव,
संग हरेली आय हे, कोसना मा नवहाय हे।

दया मया जम्मों बगरावँव,
महतारी के जय बुलावँव,
संग हरेली आय हे, माटी हा ममहाय हे।

🙏जय जोहार, जय छत्तीसगढ़ 🙏
  🌳हरेली के गाड़ा-गाड़ा बधाई🌳

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*हरेली तिहार*

आगे हरेली तिहार जी संगी,
जुरमिल मया बढ़ालव जी..
पहिली हवय तिहार हमन के,
मया पिरित मा नहालव जी..
आगे हरेली...........

नाँगर, गैती, राॅंपा ल धोके 
पूजा के फूल चढ़ालव जी..
खेती किसानी होवय पोठ,
छत्तीसगढ़ महतारी ले गोहरालव जी..
आगे हरेली...........

आनी-बानी के रोटी बना के,
बाँट खोट के खालव जी..
चिन्हारी आय हरियर धरती के,
मया के गीत गालव जी..
आगे हरेली...........

किसिम-किसिम के खेल खेलके,
सबो संग मज़ा उड़ालव जी..
गेड़ी चढ़ के गिदबिद-गिदबिद,
सबो संग रेस लगालव जी..
आगे हरेली...........

छत्तीसगढ़ के माटी चंदन हे,
येला माथ लगालव जी..
झन भूलव संस्कार ल अपन,
हाथ ले हाथ मिलालव जी..
आगे हरेली...........
    
*✍️टरेन डराइभर-संतोष मिरी 'हेम'*
       *कोरबा ( छत्तीसगढ़ )*
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