पन्ना में किसानों की फसल बर्बादी का निरीक्षण, उचित मुआवजे की मांग तेजबुन्देलखण्ड किसान यूनियन की टीम ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों से की मुलाकात
15 सितंबर 2026
पन्ना। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लगातार बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए बुन्देलखण्ड किसान यूनियन की टीम ने पन्ना जिले के विभिन्न गांवों का दौरा किया। टीम ने गांव-गांव जाकर खेतों का निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि अत्यधिक एवं असामयिक बारिश के कारण उनकी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार पन्ना जिले के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में करीब 90 प्रतिशत तक फसलें खराब होने की स्थिति सामने आई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है और आगामी कृषि कार्यों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
बुन्देलखण्ड किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्यप्रदेश ब्यूरो प्रमुख अखिलेश रावत ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि फसल नुकसान का उचित सर्वे और मुआवजा दिलाने के लिए शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से किसानों की बात रखी जाएगी।
अखिलेश रावत ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को उनके वास्तविक नुकसान के आधार पर राहत मिलनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन द्वारा खेतों का निष्पक्ष सर्वे कराकर वास्तविक क्षति का आकलन किया जाना जरूरी है, ताकि कोई भी प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
उन्होंने विभिन्न गांवों के किसानों से अपनी समस्याओं को लेकर एकजुट होने तथा किसान हितों की आवाज को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों और शासन-प्रशासन के साथ लगातार संवाद के माध्यम से कराया जाएगा।
इसी क्रम में पन्ना स्थित रॉयल फ्लावर रेस्टोरेंट में किसान नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र में फसल नुकसान, किसानों की समस्याओं, सर्वे की स्थिति तथा उचित मुआवजा दिलाने सहित विभिन्न किसान हितैषी मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में श्री सीताराम पटैरिया, शिवकुमार मिश्रा, दिनेश पाठक (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), विनोद नायक, अरविंद पाठक सहित बुन्देलखण्ड किसान यूनियन से जुड़े अनेक किसान नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
किसान नेताओं ने शासन-प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र और निष्पक्ष फसल सर्वे कराया जाए तथा किसानों को उनके वास्तविक नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।