रायगढ़ में दूसरा समुदाय-आधारित फोस्टर केयर प्लेसमेंट सफलअपने ही समुदाय के परिवार में मिला बालक को सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण
25 सितंबर 2026
संवाददाता - संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ
रायगढ़। बाल संरक्षण एवं बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ जिले में दूसरा समुदाय-आधारित फोस्टर केयर (पोषण देखरेख) प्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया गया। समुदाय स्तर पर चिन्हांकित एक बालक को फोस्टर परिवार की पोषण देखरेख में सौंपा गया है। खास बात यह रही कि बालक और फोस्टर परिवार एक ही समुदाय से संबंधित हैं। इससे बच्चे को अपने परिचित सामाजिक परिवेश में पारिवारिक माहौल मिलने की उम्मीद है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में बाल संरक्षण तथा संकटग्रस्त बच्चों के पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई की तत्परता से फोस्टर केयर प्लेसमेंट से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के अध्यक्ष श्री गेवेश नायक तथा सदस्य श्री रूपलाल चौहान, श्रीमती निवेदिता पटनायक, श्रीमती दिव्या पांडेय एवं श्रीमती मृदुला सिसौदिया ने प्रकरण का अवलोकन किया। समिति द्वारा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन एवं विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालक के फोस्टर केयर प्लेसमेंट को स्वीकृति प्रदान की गई।
ऑनलाइन पंजीयन के बाद ऑफलाइन प्रक्रिया से हुआ प्लेसमेंट
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा फोस्टर पालक का ऑनलाइन पंजीयन पहले ही पूरा कर लिया गया था। हालांकि तकनीकी कारणों से ऑनलाइन प्लेसमेंट आदेश जारी नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन फॉर्म-32 के माध्यम से उसे फोस्टर परिवार की पोषण देखरेख में सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह पूरी प्रक्रिया जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अरुण कुमार पांडेय के दिशा-निर्देश एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री धीरेन्द्र शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
इस दौरान संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थागत) श्री प्रकाश ठाकुर, कंप्यूटर ऑपरेटर श्री खुशीराम साहू, आउटरीच वर्कर श्री दूबीश्याम, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती किरण मेहर, परामर्शदाता श्रीमती रामकुमारी पटेल एवं सीईएसी श्रीमती सविता साव उपस्थित रहे।
समुदाय-आधारित फोस्टर केयर की इस पहल से बालक को संस्थागत वातावरण के बजाय परिचित सामाजिक एवं पारिवारिक परिवेश में संरक्षण और देखरेख उपलब्ध कराने की दिशा में जिले के बाल संरक्षण तंत्र के प्रयासों को मजबूती मिली है।