घरघोड़ा को ‘क्षय सुरक्षित विकासखण्ड’ बनाने मूल्यांकन पूराविशेषज्ञ दलों ने निर्धारित मापदण्डों पर किया सत्यापन, टीबी उन्मूलन की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
25 सितंबर 2026
संवाददाता - संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ
रायगढ़, 24 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखण्ड को ‘क्षय सुरक्षित विकासखण्ड’ घोषित किए जाने की दिशा में निर्धारित मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य स्तर से गठित दल के साथ बाहरी विशेषज्ञ दल ने घरघोड़ा पहुंचकर टीबी उन्मूलन से संबंधित कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं और निर्धारित सूचकांकों का विस्तृत परीक्षण किया। सत्यापन के दौरान दल ने विकासखण्ड में संचालित व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों पर संतुष्टि व्यक्त की।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चार विकासखण्डों का चयन ‘क्षय सुरक्षित विकासखण्ड’ के लिए किया गया है, जिसमें रायगढ़ जिले का घरघोड़ा विकासखण्ड भी शामिल है। इसके तहत शासन द्वारा निर्धारित विभिन्न मापदण्डों और सूचकांकों के आधार पर टीबी की पहचान, जांच, उपचार, मरीजों की निगरानी तथा जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियों का परीक्षण किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि जिला एवं विकासखण्ड स्तर की टीम द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी की गई थीं। इसके बाद राज्य स्तर से गठित दल तथा जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से गठित दल ने घरघोड़ा पहुंचकर मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की।
बाहरी विशेषज्ञ दल ने दस्तावेजों, स्वास्थ्य सेवाओं, संचालित गतिविधियों तथा टीबी उन्मूलन से संबंधित कार्यों का निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सत्यापन किया। टीम ने विकासखण्ड में टीबी नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और विभिन्न सूचकांकों की स्थिति का भी परीक्षण किया।
राज्य स्तर से गठित विशेषज्ञ दल में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार रोमक सरोना, डॉ. रितु कश्यप, डॉ. कुमार, डॉ. रेणुका प्रसन्नो, श्री कपिमा दुबे तथा डॉ. राधा प्रधान शामिल रहे। जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से गठित दल ने भी सत्यापन प्रक्रिया में सहभागिता की।
घरघोड़ा को ‘क्षय सुरक्षित विकासखण्ड’ घोषित करने की दिशा में किया गया यह मूल्यांकन टीबी उन्मूलन के लिए जिले में चलाए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। निर्धारित मापदण्डों पर हुए सत्यापन के बाद अब आगे की प्रक्रिया के आधार पर घरघोड़ा के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।