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फर्जी दस्तावेजों से आदिवासी और शासकीय जमीन के खेल का खुलासा, फरार पटवारी गिरफ्तारपण्डो जनजाति की भूमि को दूसरे के नाम दर्ज कराकर बिक्री कराने और सरकारी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कराने के आरोप; “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कापू पुलिस की कार्रवाई, लैपटॉप-प्रिंटर जब्त

फर्जी दस्तावेजों से आदिवासी और शासकीय जमीन के खेल का खुलासा, फरार पटवारी गिरफ्तारपण्डो जनजाति की भूमि को दूसरे के नाम दर्ज कराकर बिक्री कराने और सरकारी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कराने के आरोप; “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कापू पुलिस की कार्रवाई, लैपटॉप-प्रिंटर जब्त


संवाददाता – संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, रायगढ़
रायगढ़, 2 सितंबर 2026। जिले में जमीन संबंधी फर्जीवाड़े के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कापू थाना क्षेत्र में पण्डो जनजाति की भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कराकर बिक्री कराने तथा ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज और पट्टे तैयार कर अंतरण कराने के मामलों में फरार चल रहे तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत की गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दोनों मामलों में प्रयुक्त लैपटॉप और प्रिंटर मशीन भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार दोनों प्रकरणों में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पण्डो जनजाति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज कराने का आरोप
पहला मामला ग्राम डुमरनारा की भूमि खसरा नंबर 409 से जुड़ा है। पुलिस जांच के अनुसार उक्त भूमि पूर्व में पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी। जांच में वर्ष 2023-24 के अभिलेखों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के उक्त भूमि को सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद 21 फरवरी 2024 को इस भूमि का पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से संतोष देवी गुप्ता, निवासी रायपुर के नाम विक्रय किया गया।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि विक्रेता के रूप में जिस व्यक्ति को प्रस्तुत किया गया, उसका वास्तविक नाम सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर है। दस्तावेजों के सत्यापन में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात सामने आई। जांच में तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय द्वारा जमीन के विक्रय के लिए चौहद्दी उपलब्ध कराने की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
तहसीलदार कापू उन्मेश पटेल की रिपोर्ट पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 108/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120(बी) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
सरकारी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर अंतरण कराने का मामला
दूसरा मामला ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि से संबंधित है। तहसीलदार कापू उन्मेश पटेल की रिपोर्ट के आधार पर 11 अगस्त 2026 को थाना कापू में मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान खसरा नंबर 467/23, 467/25 एवं 467/36 की शासकीय भूमि को कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराने और फर्जी पट्टा तैयार करने की जानकारी सामने आई। इसके बाद दलालों के माध्यम से कथित फर्जी रजिस्ट्री कराए जाने की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में तत्कालीन पटवारी राकेश साय, मुकारधारी कैलाश कुमार जेठवानी, विक्रेता उजितराम, अनुप्रमाणक साक्षियों सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी है। एसडीएम धरमजयगढ़ के निर्देश और तहसीलदार कापू के जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 131/2026 के तहत धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120(बी) भादवि में अपराध दर्ज किया गया है।
गनपतपुर में छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने दबोचा
दोनों मामलों में अपराध दर्ज होने के बाद तत्कालीन पटवारी राकेश साय फरार चल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कापू पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी ग्राम गनपतपुर क्षेत्र में देखा गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी राकेश साय पिता शशिभूषण साय, उम्र 45 वर्ष, निवासी सिविल लाइन धरमजयगढ़, तत्कालीन पटवारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर जब्त किया है। अब इन उपकरणों के माध्यम से कथित तौर पर तैयार किए गए दस्तावेजों तथा दोनों मामलों में उनकी भूमिका से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में शामिल अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जमीन संबंधी फर्जीवाड़े में संलिप्त अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिस अधिकारियों और जवानों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में की गई।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, एएसआई मंजु मिश्रा थाना धरमजयगढ़, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, लक्ष्मी कैवर्त, आरक्षक विभूति सिंह, कन्हैया भगत, प्रीतम तिर्की, संजीव पटेल तथा थाना धरमजयगढ़ के आरक्षक मयाराम राठिया की अहम भूमिका रही।

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