प्रतिमा पर माल्यार्पण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संविधान के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति
ग्राम पंचायत बरौल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती सोमवार को अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब की छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित अतिथियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी। पूरे परिसर में “जय भीम” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सचिव देव नारायण राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सरबर सिंह, रामकुमार प्रजापति, राजमोहन राजवाड़े (शिक्षक), राम केशवर राजवाड़े एवं कृष्णा सिंह की उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत तिलक एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण एवं भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज के कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका संदेश आज भी समाज को एकजुट करने और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर समानता स्थापित की जा सकती है। बाबा साहब के विचारों को आत्मसात कर ही एक सशक्त और समता समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा को बढ़ावा देने एवं सामाजिक समानता एवं बंधुत्वा बनाए रखने का संकल्प लिया।
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह एवं सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे यह आयोजन ग्राम बरौल के लिए एक प्रेरणादायक और यादगार अवसर बन गया।
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